UP Power Crisis: यूपी में बढ़ सकता है बिजली संकट, 9 उत्पादन इकाइयां ठप; 3373 मेगावाट घटा बिजली उत्पादन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। राज्य विद्युत उत्पादन निगम की नौ उत्पादन इकाइयों के एक साथ ठप होने से बिजली उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले चार दिनों में प्रदेश का कुल उत्पादन 7106 मेगावाट से घटकर 3733 मेगावाट रह गया है, यानी 3373 मेगावाट की कमी आई है।

अधिकारियों के अनुसार, आंधी-बारिश के चलते प्लांट और ट्रांसमिशन सिस्टम में तकनीकी खामियां आने से उत्पादन प्रभावित हुआ है।

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम की छह स्थानों पर कुल 25 उत्पादन इकाइयां संचालित होती हैं, जिनकी कुल क्षमता 13 हजार मेगावाट से अधिक है। वर्तमान में आंधी और बारिश के कारण अलग-अलग कारणों से नौ इकाइयों का संचालन बाधित हो गया है।

बंद हुई इकाइयों में शामिल हैं:

  • अनपरा यूनिट-2
  • घाटमपुर यूनिट-2
  • हरदुआगंज यूनिट-7
  • जवाहरपुर यूनिट-2
  • ओबरा यूनिट-9
  • पारीछा यूनिट-3, 4, 5 और 6

यूपीएसएलडीसी रिपोर्ट के अनुसार बिजली उत्पादन में लगातार गिरावट दर्ज की गई है:

  • 25 मई: 7106 मेगावाट
  • 26 मई: 6224 मेगावाट
  • 27 मई: 6125 मेगावाट
  • 28 मई: 5440 मेगावाट
  • 29 मई: 3733 मेगावाट

इस तरह कुछ ही दिनों में उत्पादन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सिस्टम पर दबाव बढ़ सकता है।

प्रदेश में बिजली की मांग भी लगातार बदलती रही है। यूपीएसएलडीसी के अनुसार:

  • 24 मई: 31825 मेगावाट
  • 25 मई: 30853 मेगावाट
  • 26 मई: 28125 मेगावाट
  • 27 मई: 30337 मेगावाट
  • 28 मई: 30607 मेगावाट
  • 29 मई (शाम तक): 29010 मेगावाट

हालांकि बारिश के कारण तापमान में गिरावट आने से बिजली की मांग भी कुछ कम हुई है, जिससे फिलहाल बड़ी समस्या टलती दिख रही है।

अधिकारियों का कहना है कि बुंदेलखंड क्षेत्र में आई तेज आंधी और बारिश के कारण कई इकाइयों में तकनीकी खराबी आ गई है। ट्रांसमिशन सिस्टम भी प्रभावित हुआ है, जिसकी मरम्मत का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

राज्य विद्युत उत्पादन निगम के प्रबंध निदेशक मयूर महेश्वरी ने बताया कि मरम्मत कार्य जारी है और उम्मीद है कि एक-दो दिनों में सभी बंद इकाइयां फिर से पूरी क्षमता के साथ उत्पादन शुरू कर देंगी।

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