Ajmer से PM Modi लॉन्च करेंगे HPV टीकाकरण अभियान

जुबिली न्यूज डेस्क 

सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार आज से देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण अभियान शुरू करने जा रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi राजस्थान के अजमेर से इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।

इस अभियान के तहत देशभर में 14 वर्ष की लगभग 1.15 करोड़ किशोरियों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त HPV वैक्सीन दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य सर्वाइकल कैंसर के मामलों और इससे होने वाली मौतों में बड़ी कमी लाना है।

सरकारी केंद्रों पर मुफ्त Gardasil-4 वैक्सीन

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, सरकारी केंद्रों पर Gardasil 4 टीका मुफ्त लगाया जाएगा। विशेषज्ञों ने टीकाकरण के साथ-साथ नियमित स्क्रीनिंग पर भी जोर दिया है।

भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है। हर साल लगभग 80,000 नए मामले सामने आते हैं और 42,000 से ज्यादा महिलाओं की मौत इस बीमारी से हो जाती है। ऐसे में यह अभियान सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

क्या है HPV वैक्सीन और क्यों जरूरी है?

HPV (Human Papillomavirus) एक वायरस है जो सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण बनता है।

  • 9 से 14 साल की लड़कियों को HPV वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।

  • 14 साल तक की उम्र में एक डोज पर्याप्त मानी गई है।

  • 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र की लड़कियों को 2 से 3 डोज की जरूरत पड़ सकती है।

  • 26 वर्ष तक की उम्र में यह वैक्सीन सबसे अधिक प्रभावी रहती है।

  • ज्यादा उम्र की महिलाएं भी डॉक्टर की सलाह से यह टीका लगवा सकती हैं।

कम उम्र में शरीर का इम्यून सिस्टम बेहतर प्रतिक्रिया देता है, इसलिए शुरुआती टीकाकरण अधिक प्रभावी होता है।

अन्य कैंसर से भी बचाव में मददगार

HPV वैक्सीन केवल सर्वाइकल कैंसर ही नहीं, बल्कि गले के कुछ प्रकार के कैंसर से बचाव में भी सहायक हो सकती है।

जिन महिलाओं का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, उनमें जोखिम अधिक रहता है।
जोखिम बढ़ाने वाले कारक:

  • एचआईवी संक्रमण

  • मल्टीपल पार्टनर

  • पर्सनल हाइजीन की कमी

  • कम उम्र में गर्भधारण

  • धूम्रपान

30 वर्ष की आयु के बाद महिलाओं को नियमित स्क्रीनिंग जरूर करानी चाहिए, क्योंकि शुरुआती अवस्था में इस कैंसर का इलाज संभव है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

विशेषज्ञों के अनुसार, निम्न संकेत दिखें तो तुरंत जांच करानी चाहिए:

  • यौन संबंध के बाद असामान्य ब्लीडिंग

  • पीरियड्स के बीच अनियमित ब्लीडिंग

  • बदबूदार या खून मिश्रित डिस्चार्ज

  • मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग

शुरुआती अवस्था में सर्जरी से इलाज संभव है, जबकि एडवांस स्टेज में कीमोथेरेपी की जरूरत पड़ सकती है।

Related Articles

Back to top button