Tuesday - 22 September 2020 - 7:24 PM

मुंबई हमले के मास्टरमाइंड को मिली पांच साल की सजा

न्यूज डेस्क

मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा (जेयूडी) सरगना हाफिज सईद के खिलाफ टेरर फंडिंग मामले में अदालत ने फैसला सुना दिया है। सईद को आतंकरोधी अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई है।

मालूम हो कि पाकिस्तान की आतंकरोधी अदालत (एटीसी) ने छह फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। सईद के खिलाफ आतंकी फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध कब्जे के कुल 29 मामले दर्ज हैं। इससे पहले कोर्ट ने मंगलवार को हाफिज सईद की वह याचिका स्वीकार कर ली, जिसमें छह मामलों की एकसाथ सुनवाई करने और फैसला सुनाने की मांग की थी।

पाकिस्तानी अखबार डॉन के हवाले से कहा गया था कि डिप्टी प्रोसेक्यूटर जनरल अब्दुल रऊफ वट्टू ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ छह मामले अदालत में लंबित थे, जिनमें चार में सुबूत पेश करने की प्रक्रिया चल रही थी। उन चारों मामलों की सुनवाई इस सप्ताह के अंत तक कर ली जाएगी।

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वहीं कोर्ट के एक अधिकारी ने बताया था कि एटीसी न्यायाधीश ने हाफिज सईद के आवेदन पर गौर किया जिसमें उसने अपने खिलाफ आतंकवाद के लिए धन मुहैया कराने के सभी मामलों को मिलाने और मुकदमा पूरा होने के बाद फैसला सुनाने की अपील की थी। अधिकारी ने बताया था कि उप अभियोजक ने सईद की याचिका का विरोध किया और तर्क दिया कि उसके खिलाफ दो मामलों में मुकदमा पहले ही पूरा हो चुका है और अदालत कानून के तहत फैसला सुना सकती है।

हाफिज के सहयोगियों हाफिज अब्दुल सलाम बिन मोहम्मद, मोहम्मद अशरफ और प्रोफेसर जफर इकबाल को भी आतंकवाद विरोधी कानून 1997 के तहत गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में सरकार की तरफ से मुफ्ती अब्दुर रऊफ वाटो ने अपना पक्ष रखा और गवाहियां पेश कीं। उनके मुताबिक इस दौरान 23 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। वाटो के मुताबिक हाफिज सईद आतंकवादियों के लिए चैरिटी के जरिये गैरकानूनी तरीके से फंड जमा करता रहा है।

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