Monday - 6 April 2020 - 10:43 AM

मोदी को फिर याद आए राम

न्यूज डेस्क

दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार खत्म होने में महज कुछ घंटे बचे हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भगवान श्रीराम की याद आ गई। बुधवार को मोदी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक संसद में श्रीराम मंदिर ट्रस्ट बनाने का ऐलान किया। पीएम के ऐलान करते ही संसद में जय श्रीराम का नारा गूंज उठा। मोदी के इस कदम पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने तंज कसा है।

पीएम मोदी के इस दांव पर विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव हो और बीजेपी भगवान राम की शरण में न जाए हो ही नहीं सकता। राजनीतिक पंडितों का भी कहना है कि बीजेपी का अब तक का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा राम मंदिर ही रहा है। चूंकि इस पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया था तो मंदिर को बीजेपी भुना नहीं पा रही थी, लेकिन श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के बहाने बीजेपी ने राम मंदिर को दिल्ली चुनाव में ले ही आई।

वरिष्ठ पत्रकार सुशील वर्मा कहते हैं इतिहास गवाह है कि कोई भी चुनाव हो बीजेपी राम मंदिर, हिंदुत्व के सहारे ही चुनाव लड़ी है। इसी मुद्दे के भरोसे ही वह सत्ता में काबिज हो पाई थी। जाहिर है यह चुनावी हथियार वह नहीं छोड़ेगी।

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प्रधानमंत्री मोदी के ऐलान के मुताबिक इस ट्रस्ट का नाम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र होगा। पीएम ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कहा कि ”श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र”  के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया, यह ट्रस्ट अयोध्या में भगवान राम मंदिर के निर्माण और उससे संबंधित विषयों पर निर्णय के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा।

मोदी ने कहा कि अयोध्या में कानून के तहत अधिग्रहीत 67.70 एकड़ भूमि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को हस्तांतरित करने का भी फैसला किया है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए वृहद योजना तैयारी की गई है। सबका साथ सबका विश्वास की बात दोहराते हुए मोदी ने मुस्लिम पक्ष को भी कोर्ट के आदेश के मुताबिक पांच एकड़ जमीन देने का ऐलान किया। बतौर पीएम ये ट्रस्ट मंदिर निर्माण से जुड़ा हर फैसला करेगा।

मोदी के इस ऐलान के बाद इस पर सियासी रार ठन चुकी है। जिस समय में सरकार ने इसका ऐलान किया है उस पर सवाल उठ रहा है। कांग्रेस के पीएल पुनिया ने कहा कि इसका ऐलान करने में सरकार को तीन महीने क्यों लगे? और दिल्ली चुनावों से ठीक पहले ट्रस्ट का ऐलान क्यों किया गया?

गौरतलब है कि दिल्ली में सभी 70 सीटों के लिए 8 फरवरी को मतदान होना है। कल यानी 6 फरवरी को चुनाव प्रचार खत्म होने वाले हैं। ऐसे में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का ऐलान होने से राजनीतिक परिदृश्य बदलेगा या नहीं यह तो 11 को पता चलेगा लेकिन एक बात तय है कि बीजेपी ने अपना दांव चल आम आदमी पार्टी के लिए थोड़ी मुश्किलें बढ़ा दी है।

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