Sunday - 27 September 2020 - 2:46 PM

सावधान! मोबाइल कंपनियां फिर बढ़ा सकती हैं कॉल दरें

न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली। एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद देश के टेलीकॉम सेक्टर में भारी उथल-पुथल का माहौल है। इस आदेश के बाद जहां वोडाफोन-आइडिया के वजूद को लेकर अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है।

वहीं बाजार पर नजर रखने वालों का कहना है की शीर्ष न्यायालय के इस फैसले के बाद दूरसंचार कंपनियां अपने टैरिफ में जबरदस्त बढ़ोत्तरी कर सकती हैं। अगर कंपनियां टैरिफ बाउचर में 10% भी इजाफा करती हैं, तो इससे उन्हें अगले 3 वर्षों में 35 हजार करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।

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एक्यूट रेटिंग्स एंड रिसर्च ने अनुमान जताया है कि कंपनियां अपने भुगतान का बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं और आने वाले समय में टैरिफ में एक बार फिर 20 से 25% तक इजाफा हो सकता है। इससे पहले 1 दिसंबर, 2019 से कंपनियों ने अपने बिल में 50% तक बढ़ोतरी की थी। साथ ही ग्राहकों को मिलने वाली कई तरह की सुविधाओं को भी खत्म कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद Vodafone Idea का भारत के टेलीकॉम बिजनेस में बना रहना मुश्किल हो गया है। इस बारे में बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले समय में संभव है कि भारत के टेलीकॉम मार्केट में दो ही निजी कंपनियों का दबदबा रहे और ऐसी परिस्थितियों में मोबाइल टैरिफ में भारी बढ़ोत्तरी हो सकती है।

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Vodafone- Idea के वजूद पर उठ रहे सवाल

एजीआर भुगतान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर, 2019 में फैसला सुनाया था। इसके बाद से मोबाइल कंपनियां अपने टैरिफ में पहले ही भारी वृद्धि कर चुकी हैं। शीर्ष अदालत ने एजीआर को लेकर 24 अक्टूबर, 2019 को फैसला दिया था। इस निर्णय में उसने टेलीकॉम कंपनियों को समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) का भुगतान करने को कहा था।

एजीआर के रूप में टेलीकॉम कंपनियों को सरकार को 1.47 लाख करोड़ रुपए का भुगतान करना है। अकेले Vodafone Idea Ltd (VIL) को 53,038 करोड़ रुपए देना है। सुप्रीम कोर्ट ने बकाया एजीआर के भुगतान में देरी को लेकर शुक्रवार को नाराजगी जाहिर की थी।

भारती एयरटेल पर 35,586 करोड़ रुपए की देनदारी है। दूरसंचार विभाग ने इसके बाद दूरसंचार कंपनियों को बकाया एजीआर के भुगतान के लिए शुक्रवार के रात 11:59 बजे तक की समयसीमा तय की थी।

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शेयर 23% गिरे, निवेशकों के 2,988 करोड़ डूबे

एजीआर पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद वोडाफोन- आइडिया लिमिटेड के शेयरों 23% की गिरावट आई। कंपनी ने दिसंबर तिमाही में 6,438 करोड़ रुपए के घाटे का खुलासा किया था, जिसका भी निवेशकों पर असर पड़ा। बीएसई पर कंपनी के शेयर 23.21% गिरकर 3.44 रुपए प्रति इकाई के भाव पर आ गए।

वहीं एनएसई पर 22.22% गिरावट के साथ 3.50 रुपए प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ। इससे कंपनी का बाजार पूंजीकरण 2,988 करोड़ रुपए घटकर 9,884 करोड़ रुपए रह गया। पिछले तीन महीने में कंपनी की कुल आय 5% कम हो गई है। हालांकि भारती एयरटेल के शेयरों में 5% से ज्यादा का उछाल दिखा।

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