18 साल से कम उम्र की शादी वाले बयान पर घिरे मौलाना साजिद रशीदी, BJP नेताओं का पलटवार

मौलाना साजिद रशीदी के लड़कियों की शादी की उम्र को लेकर दिए गए बयान पर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई नेताओं ने उनके बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि भारत संविधान के अनुसार चलता है, किसी धार्मिक कानून के अनुसार नहीं। बाबूलाल मरांडी, शाहनवाज हुसैन और बीजेपी सांसद बृजलाल ने रशीदी के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए इसे वापस लेने और माफी मांगने की बात कही।
‘संविधान से दिक्कत है तो पाकिस्तान चले जाएं’ : बाबूलाल मरांडी
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भारत संविधान से चलता है और जो लोग इसके अनुसार नहीं रहना चाहते, उन्हें देश छोड़ देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कभी हिंदू-मुस्लिम साथ नहीं रह सकते कहकर पाकिस्तान की मांग की थी, वे वहां जा चुके हैं। यदि किसी को भारतीय संविधान से परेशानी है तो वह पाकिस्तान जा सकता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो सरकार उनके टिकट का भी इंतजाम कर सकती है।
शाहनवाज हुसैन बोले- पूरे समुदाय को बदनाम कर रहे हैं
बीजेपी नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने भी मौलाना साजिद रशीदी के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इससे पूरे समुदाय की छवि खराब होती है।
उन्होंने कहा कि रशीदी को ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और उन्हें अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
‘देश शरिया से नहीं, संविधान से चलेगा’ : सांसद बृजलाल
बीजेपी सांसद बृजलाल ने कहा कि भारत में कानून संविधान के अनुसार चलता है, न कि शरिया के अनुसार। उन्होंने कहा कि लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ने से रेप बढ़ने जैसी दलील पूरी तरह गलत और तथ्यहीन है।
बृजलाल ने कहा कि पहले कम उम्र में शादियां होती थीं, तब भी महिलाओं के साथ अत्याचार होते थे। इसलिए इस तरह की दलीलों का कोई आधार नहीं है।
क्या कहा था मौलाना साजिद रशीदी ने?
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद साजिद रशीदी ने हाल ही में दावा किया था कि भारत में लड़कियों की शादी में देरी होने की वजह से रेप सहित कई अपराध बढ़ रहे हैं।
हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया। उनका कहना है कि उन्होंने कभी भी 18 साल से कम उम्र की लड़कियों की शादी की वकालत नहीं की और राजनीतिक कारणों से उनके बयान को गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है।



