Thursday - 21 October 2021 - 12:51 AM

लखीमपुर हिंसा : मारे गए किसानों के ‘अंतिम अरदास’ में शामिल होंगी प्रियंका

जुबिली न्यूज डेस्क

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आज लखनऊ पहुंच गई हैं। वह यहां से लखीमपुर के तिकुनिया जायेंगी जहां पिछले दिनों हुई हिंसा में मारे गए किसानों के अंतिम अरदास में शामिल होंगी।

प्रियंका गांधी आगामी UP विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक चुकी है। वह फिलहाल किसी भी मौके को हाथ से नहीं जाने के मूड में है।

आज इसी कड़ी में वह लखीमपुर खीरी फिर जा रही है। लेकिन भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारी के मुताबिक मंगलवार की अंतिम प्रार्थना में किसी भी राजनीतिक दल के राजनेता को किसान नेताओं के साथ मंच साझा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहां केवल संयुक्त किसान मोर्चा के नेता मौजूद रहेंगे।

यह भी पढ़ें : वरूण गांधी के समर्थन में आई शिवसेना, कहा-उबल गया इंदिरा के पोते…

यह भी पढ़ें : तेजप्रताप का पलटवार ! कहा-RJD से बाहर निकालने की हिम्मत किसी में नहीं

मालूम हो कि लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में अंतिम अरदास और अस्थि कलश यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसके लिए पर्याप्त पुलिस फोर्स लगाए गए हैं। पीएसी, पैरामिलिट्री, आरएपफ और एसएसबी को भी शहर से लेकर तिकुनिया तक मुस्तैद किया गया है। ड्रोन कैमरों से निगरानी रहेगी।

लखीमपुर कांड में मारे गए किसानों लवप्रीत सिंह, नछत्तर सिंह, दलजीत सिंह और गुरविंदर सिंह के लिए अंतिम अरदास होनी है। इसके अलावा पत्रकार रमन कश्यप के लिए भी प्रार्थना सभा होगी।

अंतिम अरदास का कार्यक्रम तिकुनिया में रखा गया है, जिसमें भारी संख्या में किसानों के जुटने की संभावना है।

वहीं लखीमपुर खीरी जिले में आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह और एडीजी जोन एसएन सावत कैंप कर रहे हैं। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था में 5 आईपीएस, पांच एएसपी और आठ सीओ लगाए गए हैं। बड़ी संख्या में इंस्पेक्टर और दरोगाओं को भी लगाया गया है।

प्रियंका के साथ कई नेता भी रहेंगे मौजूद

यूपी में कांग्रेस के प्रवक्ता अशोक सिंह ने कहा, “कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ‘अंतिम अरदास’ में शामिल होने लखीमपुर खीरी जाएंगी। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय कुमार लल्लू, राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर, रोहित चौधरी, पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी और उप्र विधान सभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा और विधान परिषद में कांग्रेस के दल नेता दीपक सिंह समेत कई प्रमुख नेता भी जाएंगे।”

यह भी पढ़ें : घातक होता जा रहा है दो सम्प्रदाय में नागरिक और पांच जातियों में तंत्र का बटवारा

यह भी पढ़ें : लोहिया ने मंत्री पद स्वीकार कर लिया होता तो कौन बताता कि विपक्ष भी कुछ होता है

कांग्रेस के खिलाफ लगे पोस्टर

दूसरी तरफ़ लखनऊ से लखीमपुर के रास्ते में कई सारे पोस्टर लगे हैं जिनमें कुछ सिख समुदाय के लोगों तरफ से कांग्रेस पर निशाना साधने वाले संदेश छपे हैं।

एक पोस्टर पर लिखा है- नहीं चाहिए फर्जी सहानुभूति। 1984 के दंगों के जिम्मेदारों से लखीमपुर के किसानों को सहानुभूति नहीं चाहिए।”

एक अन्य पोस्टर का यह संदेश है, “नहीं चाहिए फर्जी सहानुभूति। खून से भरा है दमन तुम्हारा, तुम क्या दोगे साथ हमारा? नहीं चाहिए साथ तुम्हारा।”

यह पोस्टर राज्य सरकार के अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार परविंदर सिंह के नाम से लगाया गया है।

मालूम हो कि तीन अक्टूबर की घटना लखीमपुर शहर से लगभग 60 किलोमीटर दूर तिकुनिया-बनबीरपुर रोड पर हुई थी, जब किसान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पैतृक गांव बनबीरपुर जाने का विरोध कर रहे थे।

इस घटना में चार किसान, एक पत्रकार और तीन अन्य की मौत हो गई थी। मरने वाले किसानों में दो लखीमपुर खीरी और दो पड़ोसी बहराइच जिले के थे।

English

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com