ईरान में सुप्रीम लीडर ‘गायब’, IRGC चीफ अहमद वाहिदी बने तेहरान के नए ‘सुल्तान!

तेहरान/वॉशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण तनाव के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है।

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के अंडरग्राउंड होने के बाद अब सत्ता की कमान पूरी तरह से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के हाथों में आ गई है।

दावा किया जा रहा है कि आईआरजीसी के चीफ कमांडर अहमद वाहिदी (Ahmad Vahidi) इस समय ईरान के असली शासक बन चुके हैं।

विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंक ‘ISW’ ने तेहरान के हालिया फैसलों का विश्लेषण कर वाहिदी के बढ़ते प्रभाव के तीन ठोस सबूत पेश किए हैं….

प्रतिनिधिमंडल में फेरबदल: पाकिस्तान के साथ हुई पहले दौर की कूटनीतिक वार्ता में अंतिम समय पर वाहिदी के इशारे पर डेलिगेशन की लिस्ट बदली गई। वार्ता में उदारवादियों को दरकिनार कर कट्टरपंथियों और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी बाघेर कानी को शामिल किया गया।

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर विवाद: 17 अप्रैल को जब ईरानी राजनयिक अब्बास अराघची ने होर्मुज को खोलने का ऐलान किया, तो IRGC ने सार्वजनिक रूप से इस फैसले को मानने से इनकार कर दिया। आईआरजीसी समर्थित मीडिया ने अपनी ही सरकार के मंत्री को भला-बुरा सुनाया, जिससे साफ है कि सेना अब सरकार के ऊपर है।

सीजफायर पर कड़ा रुख: इस्लामाबाद में होने वाले दूसरे दौर की बातचीत से पहले IRGC ने अपने जहाज पर हमले का बदला लेने की घोषणा कर दी है। सेना का कहना है कि अमेरिका ने सीजफायर तोड़ा है और वे बातचीत के बजाय ‘सबक सिखाने’ की नीति पर चलेंगे।

कौन हैं अहमद वाहिदी? साये से सत्ता के शीर्ष तक
अहमद वाहिदी, जिनका असली नाम वहीद शाहचेराघी है, ईरान की सबसे शक्तिशाली सेना IRGC के प्रमुख हैं। 1958 में जन्मे वाहिदी 1979 की इस्लामी क्रांति के समय से ही सक्रिय रहे हैं।

सुलेमानी के करीबी: उन्हें मारे गए टॉप कमांडर कासिम सुलेमानी का बेहद करीबी माना जाता है।

गठबंधन की ताकत: वाहिदी ने नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ मोहम्मद बाघेर जोलघाद्र के साथ मिलकर एक ऐसा ‘पावर ब्लॉक’ बनाया है जिसने ईरान की चुनी हुई सरकार और उदारवादी नेताओं को पूरी तरह से शक्तिहीन कर दिया है।

ईरान में सेना का हावी होना इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में मध्य पूर्व में तनाव कम होने के बजाय बढ़ सकता है। यदि अहमद वाहिदी ही तेहरान के असली रणनीतिकार हैं, तो अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए कूटनीतिक रास्ते बंद हो सकते हैं और सैन्य टकराव की संभावना और प्रबल हो जाएगी।

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