होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान-अमेरिका में बढ़ा तनाव, बंद करने की चेतावनी से हालात गर्म

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है। इस बार विवाद का केंद्र बना है रणनीतिक रूप से बेहद अहम समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य, जिसे लेकर दोनों देशों ने कड़े बयान दिए हैं।
ईरान की ओर से बंद करने की चेतावनी
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबाफ ने अमेरिका को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी जारी रहती है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया जाएगा।
गालिबाफ ने कहा कि इस क्षेत्र से आवागमन अब ईरान की अनुमति और तय नियमों के आधार पर ही होगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “नाकाबंदी जारी रही तो होर्मुज खुला नहीं रहेगा।”
कुछ घंटों पहले ही खोला गया था रास्ता
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बयान दिया था कि युद्धविराम की अवधि के दौरान सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए होर्मुज जलमार्ग खोल दिया गया है।
हालांकि यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और कुछ ही घंटों में स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गई।
ट्रंप का सख्त रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान में कहा है कि जब तक ईरान के साथ समझौता पूरा नहीं हो जाता, तब तक नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अगर बातचीत विफल रहती है तो सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
ईरान का पलटवार
गालिबाफ ने ट्रंप के बयानों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका “झूठे दावे” कर रहा है और इस तरह के बयानों से कोई परिणाम नहीं निकलने वाला। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण वास्तविक परिस्थितियों और क्षेत्रीय हकीकतों के आधार पर तय होगा, न कि सोशल मीडिया के बयानों से।
वैश्विक चिंता बढ़ी
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में किसी भी तरह की नाकाबंदी या तनाव से अंतरराष्ट्रीय बाजार और तेल कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता यह तनाव अब गंभीर रूप लेता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के कड़े रुख ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है कि कहीं यह विवाद बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट का रूप न ले ले।



