IPL 2026: क्या ‘आउट ऑफ फॉर्म’ निकोलस पूरन को प्लेइंग-11 से बाहर करेगा लखनऊ? आंकड़ों ने बढ़ाई टीम की टेंशन
दिव्य नौटियाल

लखनऊ इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का रोमांच अपने चरम पर है। इस सीजन में जहां राजस्थान जैसी युवा टीमें ‘काल’ बनकर विरोधियों पर टूट रही हैं, वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) की स्थिति नाजुक बनी हुई है। टीम न केवल घरेलू मैदान पर जीत के लिए तरस रही है, बल्कि बाहरी मैचों में भी उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है।
लखनऊ की सबसे बड़ी चिंता: निकोलस पूरन की ‘खामोशी’
लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम कागजों पर बेहद मजबूत नजर आती है, लेकिन मैदान पर प्रदर्शन शून्य साबित हो रहा है। टीम के सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले खिलाड़ी निकोलस पूरन इस समय अपने करियर के सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं।
मौजूदा सीजन के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरन ने 5 पारियों में मात्र 8.40 की औसत और 76 के स्ट्राइक रेट से केवल 42 रन बनाए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि वह अब तक एक बार भी 20 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सके हैं।
गुजरात के खिलाफ ‘टेस्ट पारी’ ने बढ़ाई मुश्किलें
गुजरात टाइटन्स के विरुद्ध पिछले मैच में पूरन का बल्ला एक बार फिर खामोश रहा। उन्होंने 21 गेंदों का सामना किया, लेकिन केवल 19 रन बना सके। उनकी पारी में 12 गेंदें डॉट (Dot Balls) रहीं। यदि राशिद खान के खिलाफ लगाए गए दो छक्कों को हटा दिया जाए, तो उनका स्ट्राइक रेट किसी टेस्ट मैच जैसा नजर आता है।
2025 के ‘सिक्सर किंग’ की आक्रामकता कहां खो गई?
यह वही निकोलस पूरन हैं जिन्होंने आईपीएल 2025 में 197 के तूफानी स्ट्राइक रेट से 524 रन बनाए थे। आंकड़ों के अनुसार, 2024 के बाद से अभिषेक शर्मा को छोड़कर किसी भी खिलाड़ी ने पूरन से ज्यादा छक्के नहीं लगाए हैं। लेकिन 2026 के इस सीजन में उनकी वह पुरानी चमक पूरी तरह गायब है।
दिग्गज खिलाड़ी का मानसिक संघर्ष
17 अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, पूरन 448 टी20 मैचों में 10,413 रन बना चुके हैं। वे एक मंझे हुए ‘प्रोफेशनल लीग क्रिकेटर’ हैं। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि उन्हें कोचिंग की नहीं, बल्कि एक अच्छी पारी की जरूरत है। टीम सूत्र ने कहा-
“पूरन उस स्तर के खिलाड़ी हैं जिन्हें स्ट्रोक खेलना सिखाने की जरूरत नहीं है। यह तकनीकी से ज्यादा मानसिक संघर्ष का मामला है। हम उनका समर्थन कर रहे हैं।”
क्या आज के मैच में गिर सकती है गाज?
लखनऊ सुपर जायंट्स फिलहाल 5 मैचों में 2 जीत के साथ अंक तालिका में निचले पायदानों पर संघर्ष कर रही है। मध्यक्रम पर बढ़ते दबाव को देखते हुए अब क्रिकेट गलियारों में चर्चा है कि क्या आज होने वाले मुकाबले में पूरन को प्लेइंग-11 से बाहर बैठाया जा सकता है। क्रिकेट जगत को उनकी वापसी की क्षमता पर संदेह नहीं है, लेकिन सवाल यही है-वापसी कब होगी?
“(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रस्तुत विचार उनके निजी हैं।)”



