IPL 2026 : इकाना में पंत vs रहाणे: क्या घर में इज्जत बचा पाएगी लखनऊ सुपर जायंट्स?

लखनऊ: क्रिकेट में कहा जाता है कि कप्तान उतना ही अच्छा होता है जितनी उसकी टीम, लेकिन इकाना के मैदान पर पंत और रहाणे के लिए यह जुमला फिलहाल एक ‘अभिशाप’ जैसा लग रहा है। रविवार शाम 7:30 बजे जब दोनों टीमें भिड़ेंगी, तो स्थानीय दर्शकों की उम्मीदें तो होंगी, पर आंकड़े डराने वाले हैं।

लखनऊ का अपना मैदान उसके लिए बदकिस्मती का पर्याय बनता जा रहा है। पिछले सत्र में यहाँ 8 में से 6 मैच हारने वाली LSG इस साल भी 3 घरेलू मैच गंवा चुकी है। इकाना की धीमी और पेचीदा पिच पर एलएसजी के बल्लेबाजों का ‘स्ट्राइक रेट’ स्थानीय फैंस को मायूस कर रहा है।

ऋषभ पंत की कप्तानी इस सीजन में आलोचनाओं के घेरे में है। लगातार चार हार ने लखनऊ के खेमे में खलबली मचा दी है।

  • पंत का निजी प्रदर्शन: सनराइजर्स के खिलाफ 67 रनों के बाद पंत का बल्ला जैसे ‘कोमा’ में चला गया है। पिछली 5 पारियों में उनके बल्ले से केवल 72 रन निकले हैं।
  • अप्रोच: राजस्थान के खिलाफ शून्य पर आउट होना और 160 जैसे छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलना उनकी मैच्योरिटी पर सवाल खड़े करता है।

जैसा कि स्थानीय चर्चाओं में है, टीम के प्रदर्शन विश्लेषकों की ‘लैपटॉप वाली सलाह’ और टॉप मैनेजमेंट का दखल टीम के नैसर्गिक खेल को खराब कर रहा है। निकोलस पूरन (73 रन) और एडन मार्क्रम जैसे महंगे विदेशी खिलाड़ी उम्मीदों के बोझ तले दबे नजर आ रहे हैं। वहीं, मुकुल चौधरी जैसा स्थानीय टैलेंट एक पारी के बाद संघर्ष करता दिख रहा है।

दूसरी तरफ, केकेआर ने 38 वर्षीय रहाणे पर दांव तो लगाया, लेकिन उसका नतीजा अब तक सिफर रहा है।

  • अस्थिर संयोजन: रचिन रविंद्र जैसे वर्ल्ड-क्लास खिलाड़ी को बेंच पर बिठाना और फिन एलन-टिम सीफर्ट के बीच ‘अदला-बदली’ का खेल यह बताता है कि केकेआर का थिंक-टैंक खुद भ्रमित है।
  • गेंदबाजी: वरुण चक्रवर्ती की स्पिन का जादू खत्म हो चुका है और तेज गेंदबाजी आक्रमण बेहद कमजोर है। केवल रिंकू सिंह के व्यक्तिगत करिश्मे के भरोसे टीम कब तक टिकेगी, यह बड़ा सवाल है।
  • LSG कप्तानी रिकॉर्ड: पंत की कप्तानी में 21 मैचों में 8 जीत, 13 हार।
  • KKR कप्तानी रिकॉर्ड: रहाणे की कप्तानी में 20 मैचों में 6 जीत, 12 हार।

केकेआर को प्लेऑफ की धुंधली उम्मीदें जिंदा रखने के लिए बचे हुए 7 में से 6 मैच जीतने होंगे, जो लगभग नामुमकिन दिखता है। वहीं लखनऊ को अगर घर में अपनी इज्जत बचानी है, तो उसे ‘डेटा’ से बाहर निकलकर ‘मैदानी हकीकत’ पर खेलना होगा।

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