IOCL पाइपलाइन यूनियनों ने की पाइपलाइन निदेशक की तत्काल नियुक्ति की मांग

विवेक अवस्थी
भारतीय तेल निगम लिमिटेड (आईओसीएल) के पाइपलाइन विभाग में नेतृत्व के अभाव से उत्पन्न गंभीर संकट के बीच नौ प्रमुख यूनियनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पाइपलाइन निदेशक (Director – Pipelines) की तत्काल नियुक्ति की मांग की है। इससे पहले आईओसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस पद की रिक्ति पर चिंता जताई थी, लेकिन अब कर्मचारी संगठनों ने मामला सीधे पीएमओ तक पहुंचा दिया है।
यूनियनों के अनुसार, पाइपलाइन निदेशक का पद कई माह से खाली पड़ा है, जिससे महत्वपूर्ण परियोजनाएं जैसे नई पाइपलाइन बिछाने, रखरखाव और विस्तार कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पत्र में कहा गया है, “यह कमी न केवल विभाग की कार्यकुशलता को कमजोर कर रही है, बल्कि राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को भी खतरे में डाल रही है।” यूनियन नेताओं ने जोर देकर कहा कि आईओसीएल की पाइपलाइन नेटवर्क देश की ऊर्जा जरूरतों का रीढ़ है, और इसकी अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
आईओसीएल पाइपलाइन कर्मचारी संघ, ऑल इंडिया आईओसीएल पाइपलाइन वर्कर्स फेडरेशन समेत नौ संगठनों ने संयुक्त रूप से यह पत्र लिखा है। उन्होंने पीएम से अपील की है कि चयन प्रक्रिया को तुरंत तेज किया जाए और योग्य उम्मीदवार की नियुक्ति सुनिश्चित हो। यूनियनों ने चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो धरना, प्रदर्शन और अन्य आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे, जो कंपनी के संचालन को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।
इस बीच, आईओसीएल प्रबंधन ने पत्र पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों में इस तरह की नेतृत्व रिक्तियां नीतिगत फैसलों में देरी का कारण बन रही हैं। पाइपलाइन विभाग आईओसीएल का एक प्रमुख खंभा है, जो देशभर में कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई सुनिश्चित करता है। इस घटना से अन्य पीएसयू में भी समान मुद्दों पर ध्यान केंद्रित हो सकता है।



