इंदौर दूषित पानी कांड: सवालों पर आपा खो बैठे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

जुबिली स्पेशल डेस्क

देश का सबसे साफ शहर कहलाने वाला इंदौर इन दिनों एक गंभीर स्वास्थ्य संकट को लेकर सुर्खियों में है। शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग अस्पतालों में इलाजरत हैं।

इस घटना को लेकर जब प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किए गए, तो उन्होंने मीडिया के सवालों पर आपा खो दिया और कैमरे के सामने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर बैठे। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए माफी मांगी है।

भागीरथपुरा क्षेत्र मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र ‘इंदौर-1’ में आता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दूषित पेयजल के कारण इलाके में डायरिया का गंभीर प्रकोप फैल गया है, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए हैं।

मीडिया के सवालों पर बिफरे मंत्री

बुधवार रात दूषित पेयजल मामले को लेकर मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री विजयवर्गीय शुरुआत में संयमित नजर आए। लेकिन जब उनसे निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज के भुगतान और क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल व्यवस्था को लेकर सवाल किया गया, तो वे अचानक भड़क उठे।

इस दौरान उन्होंने सवाल को “फालतू” बताते हुए संवाददाताओं से बहस की और बाद में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।

वीडियो वायरल, बढ़ा विवाद

मंत्री के इस व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद विपक्ष और आम लोगों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और मंत्री पर जमकर हमला बोला।

सोशल मीडिया पर मांगी माफी

विवाद बढ़ने पर कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए कहा कि वे और उनकी टीम पिछले दो दिनों से प्रभावित क्षेत्र में लगातार काम कर रहे हैं।

उन्होंने लिखा, “दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए। इस गहरे दुख के समय में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं। जब तक मेरे लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, मैं शांत नहीं बैठूंगा।”

 

कांग्रेस ने की इस्तीफे की मांग

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंत्री के वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि इंदौर में जहरीला पानी पीने से मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है, लेकिन सरकार और भाजपा नेताओं का रवैया असंवेदनशील बना हुआ है।
पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कैलाश विजयवर्गीय से तत्काल इस्तीफा लिया जाए।

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