Sunday - 27 November 2022 - 7:41 AM

CM योगी बोले- नहीं बचेंगे साजिशकर्ता

जुबिली न्‍यूज डेस्‍क

हाथरस कांड के बाद पनपे राजनीतिक माहौल के बीच अब स्थिति बदलती हुई दिख रही है। योगी सरकार ने आरोप लगाया है कि इस घटना की आड़ में प्रदेश में भड़काने की कोशिश हो रही थी, जिसके लिए वेबसाइट बनाकर और अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए फंड इकट्ठा किया जा रहा था।

सीएम योगी ने कहा कि हम किसी की भी साजिश को सफल नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि हम किसी भी षड्यंत्र को कामयाब नहीं होने देंगे। इसके साथ ही हम ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे, जो समाज में विद्वेष पैदा करके विकास को रोकना चाहते हैं। अब उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। आजादी के बाद सिर्फ दो एक्सप्रेसवे बन पाया था, लेकिन तीन सालों में तीन नए एक्सप्रेसवे बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 तक सिर्फ दो एयरपोर्ट काम कर रहे थे, लेकिन अभी 7 एयरपोर्ट काम कर रहे हैं और अभी 12 नए एयरपोर्ट पर हमारा कार्य प्रारंभ हुआ है। विकास पर कोई चर्चा नहीं कर सकता। इन लोगों को हितकारी योजनाएं अच्छी नहीं लगती हैं, इसलिए ही इस तरह का षड्यंत्र रच रहे हैं।

गौरतलब है कि हाथरस केस में लगातार यूपी सरकार कह रही है कि विपक्ष माहौल बिगाड़ने की साजिश रच रही है। इस बीच कांग्रेस के नेता श्योराज जीवन का वीडियो सामने आया है, जिसमें श्योराज जीवन भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करते दिख रहे हैं। श्योराज जीवन ने कहा कि दलित समाज की मां-बेटियो के साथ छेड़छाड़ की गुस्ताखी की उनकी आंखें फोड़ देंगे, हाथ काट देंगे। चाहे जेल जाना पड़ा।

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दूसरी ओर इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एंट्री हो गई है। सुत्रों के अनुसार ईडी की शुरुआती जांच में पता चला है कि हाथरस कांड की आड़ में जातीय हिंसा फैलाने के लिए मॉरीशस से 50 करोड़ रुपए की फंडिंग की गई है। बताया जा रहा है कि इसके अलावा और भी फंडिंग की गई है जो 100 करोड़ से अधिक रुपए की थी। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है।

ईडी के एक अधिकारी के मुताबिक, हाथरस की पुलिस ने एक वेबसाइट को लेकर केस दर्ज किया है। इसके बाद एजेंसी इसमें जांच का एंगल देखेगी। इस वेबसाइट के जरिए ‘जस्टिस फॉर हाथरस’ के लिए मुहिम चलाई गई। सूत्रों का कहना है कि ऐसे में ईडी जल्द ही PMLA के तहत इसमें मामला दर्ज कर फंडिंग पर जांच शुरू कर सकती है। साथ ही जल्द ही कई गिरफ्तारियां देखने को मिल सकती हैं।

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बता दें कि यूपी पुलिस का दावा है कि हाथरस को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गलत जानकारी फैलाई गई। जिसके कारण माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई और एक जाति से दूसरी जाति में लड़ाई करवाने की कोशिश की गई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले में एक्शन की बात कही थी, साथ ही विपक्ष पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया था।

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गौरतलब है कि यूपी के हाथरस में बीते 14 सितंबर को एक दलित युवती का गैंगरेप हुआ था, जिसके बाद दिल्ली में 29 सितंबर को उसकी मौत हो गई। मौत के बाद जिस तरह यूपी पुलिस ने युवती का अंतिम संस्कार अनन-फानन में रात के अंधेरे में ही कर दिया, उस पर काफी विवाद हुआ। राजनीतिक दलों से लेकर कई सामाजिक संगठनों ने यूपी सरकार पर सवाल खड़े किए।

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