Thursday - 21 October 2021 - 12:20 AM

सम्पत्ति के लिए वो बीस साल से कर रहा था भाई भतीजों का खून

जुबिली न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद जिले के मुरादनगर के रहने वाले लीलू नाम के एक शख्स ने बाप बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपैया कहावत को चरितार्थ कर दिया. सम्पत्ति हड़पने के लिए रिश्तों का खून बहाते हुए भी उसके हाथ नहीं काँपे. बीते 20 सालों के दौरान उसने एक-एक कर अपने बड़े भाई, दो भतीजों और दो भतीजियों को मौत के घाट उतार दिया. समाज में खुद को अच्छा दिखाने के लिए उसने अपनी विधवा भाभी से शादी भी रचा ली ताकि उस पर कभी शक हो ही नहीं.

लीलू ने सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से किया. खून के रिश्तों का खून बहाने में कोई जल्दबाजी नहीं की. सबको एक-एक कर ठिकाने लगाया और पांच कत्ल करने के लिए 20 साल का वक्त लगाया. उसे लगता था कि वो इतना होशियार है कि कभी पकड़ा ही नहीं जाएगा लेकिन न खुदा ही मिला न विसाले सनम, न इधर के रहे न उधर के रहे. पुलिस ने इस बार उसे दबोच ही लिया.

गाज़ियाबाद के एसएसपी आकाश पटेल ने बताया कि इसी आठ अगस्त को सैन्थली के रहने वाले बृजेश का इकलौता बेटा रेशु अचानक से गायब हो गया. घर वालों ने कई दिन की तलाश के बाद पुलिस का सहारा लिया. पुलिस ने इलेक्ट्रानिक सर्विलांस का सहारा लिया बृजेश के छोटे भाई लीलू पर आकर पुलिस की निगाह ठहर गई.

लीलू को हिरासत में लेकर जब पुलिस ने पूछताछ की तो वह ऐसे दिखाता रहा जैसे कि खुद ही बहुत दुखी हो लेकिन जब पुलिस ने थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया तो वह टूट गया. उसने बताया कि उसने अपने दोस्त विक्रांत, सुरेन्द्र, मुकेश और राहुल के साथ मिलकर पहले रेशु का अपहरण किया और फिर उसे मार डाला. रेशु की लाश को पहासू नहर में फेंककर वह घर लौट आया और घर वालों के साथ उसे ढूँढने का नाटक करने लगा. अपहरण और हत्या में शामिल सुरेन्द्र रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर है.

पुलिस की पूछताछ में जो कहानी सामने आयी उससे पता चलता है कि बृजेश और सुधीर लीलू के बड़े भाई थे. बीस साल पहले लीलू ने सुधीर की हत्या कर लाश नदी में फेंक दी थी और सुधीर की बीवी से शादी कर ली थी. शादी के बाद उसने भतीजी पायल को ज़हर देकर मार दिया. तीन साल बाद उसने पारुल को भी मार दिया और उसकी लाश नहर में फेंक दी. इस तरह से सुधीर की पूरी सम्पत्ति का वह अकेला मालिक बन गया. उसने प्रापर्टी डीलिंग का काम शुरू कर दिया.

इस बिजनेस में घाटा हुआ और सारी सम्पत्ति खत्म हो गई तो उसने दूसरे भाई बृजेश के परिवार को ठिकाने लगाने का फैसला किया. आठ साल पहले उसने बृजेश के एक बेटे को मारकर नदी में फेंक दिया. अब उसने बृजेश के दूसरे बेटे रेशू को भी ठिकाने लगा दिया. इस बार भी अगर वह पकड़ा नहीं जाता तो बृजेश और उसकी पत्नी लीलू का अगला शिकार थे.

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