Thursday - 2 December 2021 - 12:56 PM

पहले अमरिंदर और अब उनके करीबियों को किनारे लगाने की तैयारी

जुबिली न्यूज डेस्क

पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह को पहले सत्ता से किनारे किया गया और अब उनके करीबियों को भी कैबिनेट से दूर करने की तैयारी चल रही है।

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने मंत्रिमंडल विस्तार के लिए मंगलवार को चंडीगढ़ से चार्टर फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे।

मुख्यमंत्री के साथ पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और दोनों उपमुख्यमंत्री भी थे। इन लोगों ने राहुल गांधी के करीबी और भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव केसी वेणुगोपाल और पंजाब के एआईसीसी प्रभारी हरीश रावत से कैबिनेट विस्तार पर मंत्रणा की।

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पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी सहयोगियों को चन्नी मंत्रिमंडल से दूर करने की तैयारी चल रही है। राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी और गुरप्रीत सिंह कांगड़ समेत तीन बड़े मंत्री अपना पद गंवा सकते हैं।

सूत्रों ने बताया कि चन्नी के मंत्रिमंडल में पांच नए चेहरों को शामिल किया जाना है।

वेणुगोपाल के घर चली बैठक

इन नेताओं की बैठक वेणुगोपाल के आवास पर हुई जो करीब एक घंटे तक चली। इस बैठक में पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कुलजीत नागरा भी विधायक परगट सिंह के साथ शामिल हुए। बैठक के बाद रावत ने दावा किया कि पार्टी में सब कुछ ठीक है और जल्द ही नए मंत्रिमंडल की घोषणा की जाएगी।

कांग्रेस में ऑल इज वेल : रावत

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश सिंह रावत ने दिल्ली में मीडिया से कहा, “सब कुछ ठीक है और जल्द ही इसे सुलझा लिया जाएगा, चीजें सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ रही हैं और जल्द ही नए मंत्रिमंडल की घोषणा की जाएगी।”

इस सबके बीच विधायक परगट सिंह, जो नवजोत सिंह सिद्धू के करीबी सहयोगियों में से एक हैं, को पार्टी की पंजाब इकाई का महासचिव नियुक्त किया गया।

कैबिनेट में सोशल इंजीनियरिंग का रखा जाएगा ध्यान

बैठक में मौजूद नेता के अनुसार, जिन नामों को कैबिनेट से हटाया जाना है और जिन्हें राज्य की सोशल इंजीनियरिंग को ध्यान में रखते हुए शामिल किया जाना है, उनके नामों पर चर्चा हुई है। हालांकि, नए पंजाब कैबिनेट को लेकर अंतिम फैसला कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी करेंगी।

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सूत्रों ने कहा कि किसी भी निर्णय से पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ एक और दौर की चर्चा होगी और यह प्रक्रिया 3-4 दिनों में समाप्त हो जाएगी। मंत्रियों के नए बैच की नियुक्ति सोशल इंजीनियरिंग और जाति के संयोजन को देखते हुए की जानी है क्योंकि पंजाब में कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

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