जिन जहाजों पर हुई फायरिंग, उनमें क्या किसी भारतीय की गई जान? सरकार ने किया खुलासा

मिडिल ईस्ट के अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच एक गंभीर घटना सामने आई है। भारत के शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, ईरान की ओर से पनामा के झंडे वाले “यूफोरिया” नाम के जहाज पर फायरिंग की गई। इस जहाज पर 21 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। राहत की बात यह है कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा किया गया। यूफोरिया उन तीन जहाजों में शामिल था, जिन्हें निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ईरान अपने शिपिंग पर अमेरिका के प्रतिबंधों का विरोध कर रहा है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से करीब 20% वैश्विक तेल सप्लाई गुजरती है। ऐसे में यहां तनाव बढ़ना वैश्विक चिंता का विषय है।

यूफोरिया के अलावा जिन दो जहाजों पर हमला हुआ, उनमें “MSC फ्रांसेस्का” और “एपामिनोंडास” शामिल हैं।

  • एपामिनोंडास भारत के मुंद्रा पोर्ट की ओर आ रहा था।
  • यूफोरिया को हमले के बाद ओमान के तट के पास देखा गया।
  • बाद में जानकारी मिली कि जहाज जेद्दा की ओर बढ़ रहा है।

शिपिंग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने पुष्टि की कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एक और बड़ी समस्या सामने आई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सटीक लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो गया है।

  • सिग्नल में दखल
  • गलत डेटा (spoofing)
    की वजह से समुद्री निगरानी प्रभावित हो रही है।

अन्य जहाजों पर भी असर

  • “फ्रोसो K” नाम का जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर भारत के पारादीप पोर्ट की ओर बढ़ रहा है।
  • “देश गरिमा” तेल टैंकर मुंबई पहुंच चुका है।
  • वहीं “सनमार हेराल्ड” और “जग अर्नव” पर भी IRGC की नावों ने फायरिंग की, जिसके बाद उन्हें लौटना पड़ा।

शिपिंग मंत्रालय के अनुसार:

  • कुल 518 भारतीय नाविक फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं
  • 340 नाविक होर्मुज के पश्चिम में
  • 178 नाविक ओमान की खाड़ी में

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ता तनाव वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर संकेत है। फिलहाल भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, लेकिन स्थिति को देखते हुए भारत सरकार लगातार निगरानी बनाए हुए है। आने वाले दिनों में इस क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।

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