Wednesday - 25 November 2020 - 8:04 AM

अब डायल 112 पर अपनी बोली में होगा समस्या का समाधान

जुबिली न्यूज़ डेस्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लोग 112-यूपी पर अब अपनी बोली में समस्या बता सकेंगे और उसी में समाधान भी प्राप्त कर सकेंगे। प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार से शुरू हुई इस सेवा के लिए फिलहाल 19 महिला संवाद अधिकारी तैनात किये हैं।

आपातकालीन 112-यूपी यह कदम इसलिये उठाया है ताकि परस्पर संवाद की प्रक्रिया को और बेहतर किया जा सके। क्षेत्रीय भाषाओं में पारंगत संवाद अधिकारियों की नियुक्ति से ग्रामीण अंचल से सहायता के लिए कॉल करने वाले लोगों खास कर महिलाओं को अपनी बात बताने में काफी सुविधा होगी।

ये भी पढ़े: COVID-19 : शासकीय कर्मचारियों के लिए नई गाइडलाइन जारी

ये भी पढ़े: उपचुनाव: आजम खान को हाईकोर्ट का बड़ा झटका

ये भी पढ़े: रियल एस्टेट की धारणा सितंबर तिमाही में भी निराशावादी

ये भी पढ़े: अडानी के लिए ऑस्ट्रेलिया में बढ़ी मुश्किलें

112-यूपी के अपर पुलिस महानिदेशक असीम अरूण ने बताया प्रतिदिन 15-17 हजार लोग फोन पर पुलिस से सहायता मांगते हैं। इनमें क्षेत्रीय भाषाओं में मदद मांगने वालों की संख्या काफी होती है। इसके लिये भोजपुरी में बात करने वाले दो-दो अधिकारी चौबीसों घंटे तैनात होंगे।

अवधी में बातचीत करने के लिये तीन शिफ्ट में चार अधिकारी तैनात होंगे, बुंदेलखंडी में बात करने के लिये एक अधिकारी सुबह तैनात होगा वहीं उत्तराखंडी में बात करने के लिये एक अधिकारी सुबह एक शाम तैनात होगा। सभी संवाद अधिकारी महिलाएं हैं।

अधिकारी कॉल करने वालों से उन्हीं की बोलियों भोजपुरी, अवधी, ब्रज, बुन्देलखंडी आदि में बात करेंगे। अपर पुलिस महानिदेशक अरुण ने बताया कि संवाद अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

उन्होंने कहा कि पुलिस सहायता मांगने वाली महिलाओं को अपनी क्षेत्रीय बोली में बात करने में सहज महसूस होगा। साथ ही अपनी बोली में बात करके वह समस्या को सटीक तरीके से बता सकेंगे और समाधान भी अच्छे से समझ सकेंगे।

ये भी पढ़े: जब खुली पाखंडी बाबा की पोल तो पुलिस की हरकत से नाराज हो गए लोग

ये भी पढ़े: जानिए यूपी की यूनिवर्सिटी में कब से हाेगी पढ़ाई

English

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com