Delhi News: साकेत में ताश के पत्तों की तरह ढही इमारत, मलबे में दबे कई लोग; ग्राउंड जीरो पर पहुंची राहत टीमें

जुबिली स्पेशल डेस्क
दिल्ली के पॉश इलाके साकेत से इस वक्त की सबसे बड़ी और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसे में एक खंडहर हो चुकी इमारत अचानक भरभरा कर पास की रिहायशी बिल्डिंग पर गिर गई। इस भीषण हादसे में 5 मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो गई, जिसके मलबे में कई परिवारों के दबे होने की गंभीर आशंका है।
हादसे की भयावहता को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने ट्वीट कर चिंता जताई है और आम आदमी पार्टी (AAP) के सभी कार्यकर्ताओं को तुरंत ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर राहत कार्य में जुटने के निर्देश दिए हैं।
शाम 7:45 बजे मची चीख-पुकार, दमकल और पुलिस की टीमें तैनात
यह दर्दनाक हादसा शनिवार शाम करीब 7:45 बजे हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अचानक एक जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई और पूरी इमारत देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। हादसे के बाद पूरे साकेत इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
- फौरन एक्शन: सूचना मिलते ही दमकल विभाग, दिल्ली पुलिस और लोकल प्रशासन की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं।
- हाई अलर्ट पर मेडिकल टीम: मलबे से निकाले जा रहे घायलों को तुरंत इलाज देने के लिए मौके पर कई एम्बुलेंस और आपातकालीन मेडिकल टीमें तैनात हैं।
- इलाका कराया गया खाली: सुरक्षा के लिहाज से आसपास के घरों और दुकानों को तुरंत खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
“साकेत में इमारत गिरने की खबर बेहद चिंताजनक है। मलबे में दबे सभी लोगों के सुरक्षित बाहर निकाले जाने की प्रार्थना है। क्षेत्र के सभी AAP कार्यकर्ताओं से अपील है कि राहत एवं बचाव कार्य में हरसंभव सहयोग करें…” — आतिशी, मुख्यमंत्री (दिल्ली)
वार-फुटिंग पर रेस्क्यू: अब तक 5 लोगों को निकाला गया बाहर
मलबे के विशाल ढेर के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद सावधानी और युद्ध स्तर (War-footing) पर चलाया जा रहा है। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के अनुसार:
- अब तक 4 से 5 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जा चुका है।
- खंडहर इमारत के रिहायशी हिस्से पर गिरने के कारण मलबे के नीचे और भी लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिन्हें तलाशने के लिए बचाव दल आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रहा है।
मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस वक्त उनकी सबसे पहली और एकमात्र प्राथमिकता मलबे में दबे हर एक शख्स को सुरक्षित बाहर निकालना है।

