महिला टीचर के वायरल डांस वीडियो पर छिड़ी बहस

जुबिली न्यूज डेस्क

सोशल मीडिया के जमाने में कोई भी मैसेज, वीडियो वायरल होने में पल भर का समय लगता है। किसी के लिए यह बहुत अच्छा साबित होता है तो किसी को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

ऐसा ही कुछ एक महिला टीचर के साथ हुआ है। उस महिला का एक डांस वीडियो वायरल हो गया, जिसकी वजह से उसके पति ने उसे तलाक दे दिया और नियोक्ता ने उसे नौकरी से निकाल दिया।

यह मामला मिश्र का है। इस महिला के साथ जो कुछ हुआ है उस पर एक नई बहस छिड़ गई है। अब देश में महिलाओं के अधिकारों को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।

बीते दिनों सोशल मीडिया पर प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका 30 साल की आया यूसुफ का डांस वीडियो वायरल हो गया, जिसके कारण उसके पति ने उसे तलाक दे दिया और उसकी नौकरी चली गई।

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आया यूसुफ के साथ जोकुछ हुआ है उसने महिलाओं के अधिकारों के हनन पर एक नई बहस छेड़ दी है। मोबाइल द्वारा बनाए गए छोटे से इस वीडियो में यूसुफ स्कार्फ पहनी हुई हैं और पूरी बाजू की कमीज पहने नील नदी पर एक नाव पर अपने सहयोगियों के साथ नाचती और मुस्कुराती हुई दिखाई दे रही हैं।

लेकिन वायरल हो रहे इस वीडियो ने विवाद खड़ा कर दिया है। कुछ आलोचकों ने डांस को इस्लामी समाज के मूल्यों का उल्लंघन बताया है, जबकि अन्य लोगों ने महिलाओं के साथ सहानुभूति दिखाते हुए उसका साथ दिया है।

हाल के सालों में मिस्र में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं जिनमें महिलाओं को सोशल मीडिया पर बदनाम किया गया है। जिसकी वजह से जनता ने जिम्मेदार लोगों से जवाबदेही की मांग की है।

मौलिक अधिकार पर छिड़ी बहस

यह मामला ऐसे समय में आया है जब मौलिक अधिकार कार्यकर्ताओं ने 2014 में राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के पदभार संभालने के बाद से रूढि़वादी उत्तर अफ्रीकी देश में अभिव्यक्ति की आजादी पर व्यापक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

हाल ही में महिला ने एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा, ”वह अपनी ट्रिप से खुश थीं और उनका डांस उस खुशी की अभिव्यक्ति था। मेरे साथ कुछ साथी डांस कर रहे थे और कुछ हवा में हाथ लहरा रहे थे। हम सब नाच रहे थे.”

महिला ने कहा कि जब से वीडियो को ऑनलाइन साझा किया गया है तब से कुछ लोगों ने इसकी कड़ी आलोचना की और इसे “अशोभनीय” व्यवहार बताया।

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इस सबके बावजूद मिश्र में जहां 18 से 39 वर्ष की आयु की 90 फीसदी महिलाओं ने 2019 में उत्पीडऩ की सूचना दी थी, उन्होंने महिला का समर्थन किया है।

वीडियो के वायरल होने के बाद मिस्र के शिक्षा विभाग ने शिक्षिका को काहिरा के उत्तर-पूर्व में डकाहलिया क्षेत्र में एक अनुशासनात्मक समिति के सामने पेश होने का आदेश दिया था, जहां आया यूसुफ को नौकरी से निकाल दिया गया था, लेकिन उसके बाद से जनता के कड़े विरोध के चलते यूसुफ की नौकरी बहाल हो गई।

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