Saturday - 23 October 2021 - 2:28 PM

नहीं थम रहा कोरोना, WHO की चीफ साइंटिस्ट ने बताए ये कारण

जुबिली न्यूज डेस्क

दुनिया के कई देशों में कोरोना का टीकाकरण अभियान चल रहा है, बावजूद इसके कोरोना थमता नजर नहीं आ रहा है। भारत में भी कोरोना वैक्सीनेशन हो रहा है बावजूद इसके हर दिन सैकड़ों लोग इसकी वजह से मर रहे हैं तो वहीं हजारों नए मामले आ रहे हैं।

कोरोना संक्रमण को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि इसके स्पष्ट प्रमाण हैं कि डेल्टा वैरिएंट के प्रसार और टीकाकरण की धीमी गति के कारण दुनिया के अधिकांश क्षेत्रों में कोविड के नये मामलों में तेजी देखी जा रही है।

ब्लूमबर्ग के साथ हाल के एक साक्षात्कार में डॉ. स्वामीनाथन ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के छह क्षेत्रों में से पांच में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। वहीं अफ्रीका में मृत्यु दर पिछले दो हफ्तों में 30-40 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि, “पिछले 24 घंटों में दुनिया में 500,000 के करीब नए मामले सामने आए हैं और लगभग 9,300 मौतें हुई हैं। ऐसे में अब यह नहीं कहा जा सकता कि महामारी कम हो रही है।”

डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने वायरस के प्रसार के चार प्रमुख कारणों को सूचीबद्ध किया है, जिसमें पहला कारण उन्होंने बताया है कि  डेल्टा वैरिएंट, लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील और टीकाकरण की धीमी गति के चलते कोरोना फैल रहा है।

दूसरा कारण गिनाते हुए स्वामीनाथन ने कहा कि तेजी से फैलने वाला डेल्टा वैरिएंट अब तक का सबसे खतरनाक वैरिएंट है और कोरोना संक्रमणों में वृद्धि के पीछे ये ही अहम कारण है। उन्होंने कहा कि अगर मूल वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति तीन लोगों को संक्रमित कर सकता है, तो डेल्टा संस्करण से संक्रमित व्यक्ति करीब 8 लोगों को संक्रमित कर सकता है।

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तीसरा कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि लोग कोरोना महामारी की थकान या मजबूरी से, अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। ये तीसरी लहर का बड़ा कारण बन सकता है।

डॉ. स्वामीनाथन ने चौथा कारण गिनाते हुए कहा कि जहां कुछ देशों में टीकाकरण का स्तर गंभीर कोविड -19 मामलों और अस्पताल में भर्ती होने को कम कर रहा है, वहीं दुनिया के कुछ हिस्से अभी भी ऑक्सीजन की कमी, अस्पताल में बिस्तरों की कमी और उच्च मृत्यु दर का सामना कर रहे हैं। इसलिए ऐसा नहीं कहा जा सकता कि कोरोना अब थम गया है।

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ऐसा माना जा रहा है कि कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के चलते ही भारत में कोरोना की दूसरी खतरनाक लहर आई थी। कोरोनाका ये वेरिएंट सबसे पहले भारत में ही मिला था। दूसरी लहर के दौरान भारत में सबसे ज्यादा मौतें हुईं हैं।

वैज्ञानिकों का कहना है कि डेल्टा वेरिएंट का संक्रमण काफी तेजी से फैलता है। साथ ही ऐसे में मरीजों में कोरोना के गंभीर लक्षण दिखते हैं। इस समय ब्रिटेन और इजराइल में इसी वेरिएंट के चलते कोरोना के नए केस में तेजी से इजाफा हो रहा है।

आंकड़ों के अनुसार इजराइल में कोरोना के 90 फीसदी केस इसी वेरिएंट के हैं। ये स्थिति तब है जब वहां 50 फीसदी लोगों ने वैक्सीन लगवा ली है।

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