ओमान तट पर भारतीय नाविकों पर हमले से बढ़ी चिंता, विदेश मंत्रालय ने की कड़ी निंदा

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। बीते कुछ दिनों में ओमान तट के पास भारतीय नाविकों से जुड़े कई गंभीर घटनाक्रम सामने आए हैं। इन घटनाओं पर भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ऐसे हमलों की निंदा की है और उन्हें तुरंत रोकने की मांग की है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में पश्चिम एशिया क्षेत्र में भारतीय नाविकों से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं।

उन्होंने कहा, “हम अपने नाविक समुदाय की भलाई और सुरक्षा को बहुत महत्व देते हैं। हाल के दिनों में हुई घटनाओं को लेकर हम गंभीर हैं और संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं।”

इस सप्ताह की शुरुआत में ओमान तट के पास एक जहाज पर हमला हुआ था। शुरुआती रिपोर्टों में तीन भारतीय नाविकों को लापता बताया गया था, लेकिन बाद में उनकी मौत की पुष्टि हुई। इस घटना ने भारतीय समुद्री समुदाय और उनके परिवारों में चिंता बढ़ा दी है।

सरकार इस मामले में लगातार जानकारी जुटा रही है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों पर भी दिखाई देने लगा है। इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में भारतीय नाविक जुड़े हुए हैं, जो विभिन्न देशों के जहाजों पर कार्यरत हैं।

ऐसे में समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए नई चुनौती बनकर उभरे हैं।

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सरकार भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। साथ ही क्षेत्र में मौजूद भारतीय मिशनों को भी स्थिति पर करीबी नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नागरिक जहाजों को निशाना बनाने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।

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