Saturday - 11 July 2020 - 9:57 PM

जुबिली डिबेट

कोरोना काल में बदलते रिश्ते

प्रीति सिंह जब हम कहीं फोन मिलाते हैं तो रिंग जाने से पहले एक महिला की आवाज आती है। वह महिला कोरोना से बचने की अपील करती है और साथ में कहती है कि बीमारी से बनाएं दूरी बीमार से नहीं। अपनों की करें देखभाल तो देश जीतेगा कोरोना से …

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एमपी भाजपा में ये विरोध तो होना ही था

प्रीति सिंह आखिरकार मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार में मंत्रिमंडल का विस्तार हो ही गया, जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। पर इस विस्तार के साथ ही पार्टी के भीतर विरोध भी शुरु हो गया, जिसकी उम्मीद की जा रही है। भाजपा के कुछ विधायक …

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विपक्ष के सामने नई चुनौती

सुरेंद दुबे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विगत 30 जून को अपने 16 मिनटीय राष्‍ट्र के संबोधन में स्‍पष्‍ट कर दिया की अब उनकी प्राथमिकता देश के वे 80 करोड़ लोग हैं जो गरीब, अति गरीब, महा गरीब या फिर फुटपाथों पर फटे हाल जिंदगी जीने वाले लोग हैं जिनको दो …

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चावल या गेहूं के सहारे पोषण और सेहत की क्या होगी तस्वीर ?

प्रीति सिंह अक्सर कहा जाता है ‘हेल्थ इज वेल्थ’। मतलब स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी पूंजी है। जाहिर है जब हम स्वस्थ्य होंगे तो ही कुछ कर पायेंगे। इसीलिए डॉक्टर अच्छा खाने-पीने की सलाह देते हैं। हम जितना पौष्टिक आहार लेंगे उतना ही स्वस्थ्य रहेंगे। आज जब कोरोना संक्रमण तेजी से …

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बंधन है, मगर यह जरुरी भी है 

मयंक पांडेय कोविड-19 से लड़ने मे हमारा पहला हथियार है “मास्क”, इसकी अनिवार्यता में कोई दो राय नहीं है।हम कोरोना से बचाव के लिये घरों से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करते हैं और ये सबके लिये आवश्यक भी है। इस महामारी से बचाव में एक अहम कड़ी है …

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दिल्ली पहुंचने के बाद भी राष्ट्रीय एजेंडे में नहीं

प्रीति सिंह देश की राजधानी दिल्ली की एक खासियत यह है कि यहां की हर खबर राष्ट्रीय बन जाती है और देश के दूसरे जगहों की बड़ी से बड़ी खबर राज्य तक ही सीमित रह जाती है। शायद इसीलिए अपनी बात दुनिया को बताने के लिए लोग दिल्ली में जाकर …

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डंके की चोट पर : कोरोना को क्यों रोना ये भी चला जाएगा

शबाहत हुसैन विजेता बीमारियां मौत की दहशत को साथ लेकर पैदा होती हैं. वह लोगों के भीतर पलती हैं, बड़ी होती हैं, चलते-फिरते इंसानों को लाशों में बदलती हैं. आंसुओं का सैलाब तैयार करती हैं. धीरे-धीरे लोगों को उन बीमारियों के साथ जीने की आदत पड़ती जाती है. डॉक्टर उन …

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तेल की धार से परेशान क्यों नहीं होती सरकार?

कृष्णमोहन झा देश में लगभग तीन हफ्तों से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रोजाना ही बढोत्तरी हो रही है और अब दिल्ली में तो यह तो स्थिति आ गई है कि डीजल की कीमत पेट्रोल से अधिक हो चुकी है। यह अभूतपूर्व स्थिति है। इसके पहले डीजल के दाम …

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नेता के लिए आपदा वाकई एक अवसर है

सुरेन्द्र दुबे आपदा आने पर लोगों को शांत हो जाना चाहिए। फूंक फूंक कर कदम उठाने चाहिए। ऐसा हम सब सोचा करते थे। आपदा को अवसर में बदल सकते हैं। ऐसा हमारे प्रधानमंत्री ने बताया। हम बड़े हैरान थे कि ऐसा कैसे हो सकता है। वैसे मोदी जी तमाम काम …

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बिहार चुनाव : विरोधी दलों के लिए कठिन है डगर

प्रीति सिंह बिहार अब पूरी तरह चुनावी मोड में है। चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। सियासी पिच पर दो-दो हाथ करने के लिए तमाम दल उतरने लगे हैं, लेकिन इस लड़ाई में सत्तारूढ़ दल विपक्ष पर भारी पड़ता दिख रहा है, क्योंकि राज्य में विपक्ष न सिर्फ बिखरा हुआ है …

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