Monday - 27 January 2020 - 3:38 AM

तो क्‍या दलित ब्राह्मण समीकरण पर फिर भरोसा करेंगी मायावती

न्‍यूज डेस्‍क

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में दलित ब्राह्मण समीकरण को आजमाया जाता रहा है। रामवीर उपाध्याय के बगावती तेवरों के बाद से प्रदेश में ब्राह्मण चेहरे के तौर पर युवा सांसद रितेश पांडेय को आगे लाना नया प्रयोग माना जा रहा है। सूत्र बताते है कि समाज में बीजेपी के प्रति मोह कम होने पर बसपा नजर रखे है।

ब्राह्मण वोटर बीजेपी से छटक कर कांग्रेस में न जाए इस बात को ध्‍यान में रखते हुए बसपा की मुखिया मायावती ने एक बार लोकसभा में पार्टी का नेता बदल दिया है। उन्होंने रितेश पांडेय को संसदीय दल का नेता बनाया है। वहीं मलूक नागर को उपनेता बनाया गया है। इस फेरबदल में प्रदेश अध्यक्ष मुनकाद अली की कुर्सी सलामत रही।

मायावती

जानकारों की माने तो उत्‍तर प्रदेश में होने वाले 2022 विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक गणित साधने के लिए मायावती ने ब्राह्मण कार्ड खेला है। इससे पहले अमरोहा के सांसद कुंवर दानिश अली और जौनपुर के सांसद श्याम सिंह यादव को नेता सदन बनाया गया था। मायावती ने पिछले आठ माह में चौथी बार लोकसभा में संसदीय दल के नेता को बदला है।

गौरतलब है कि रितेश पांडेय अंबेडकर नगर से सांसद हैं। सियासी तौर पर रितेश पांडे और उनके परिवार का बड़ा नाम है। उनके पिता राकेश पांडे बसपा के टिकट पर सांसद रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले रितेश पांडेय विधायक पद से इस्तीफा देकर चुनावी मैदान में उतरे थे और मोदी लहर के बावजूद जीत हासिल की थी।

रितेश पांडेय

संगठन में किए बदलाव की जानकारी मायावती ने ट्वीट के जरिए दी। उन्होंने बताया कि बसपा में सामाजिक सामंजस्य बनाने को मद्देनजर रखते हुए लोकसभा में पार्टी के दलनेता व उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एक ही समुदाय के होने के नाते इसमें थोड़ा परिवर्तन किया गया है। अब लोकसभा में बीएसपी के नेता रितेश पांडेय को व उपनेता मलूक नागर को बना दिया गया है। हालांकि, दानिश अली को करीब दो माह पूर्व ही दल नेता की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

लेकिन, उत्तर प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष मुनकाद अपने इसी पद पर बने रहेंगे। साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा में बीएसपी के नेता लालजी वर्मा पिछड़े वर्ग से व विधान परिषद में बीएसपी के दलनेता दिनेश चंद्रा दलित वर्ग बने रहेंगे अर्थात यहां कुछ भी परिवर्तन नहीं किया गया है।

जिला केंद्रों पर मनेगा मायावती का जन्मदिन

बसपा प्रमुख मायावती का जन्मदिन हर वर्ष की तरह जिला केंद्रों पर जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाया जाएगा। जिसमें गरीबों के लिए उपहार वितरित किए जाएंगे और केक काटा जाएगा। मायावती दिल्ली कार्यालय में जन्मदिन मनाएगी। विधानसभा क्षेत्रवार कोटा तय किया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से न्यूनतम पांच लाख रुपये पार्टी फंड में जमा कराने को कहा गया है। विधानसभा क्षेत्र प्रभारी को भी फंड जमा कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

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