Sunday - 15 December 2019 - 12:33 AM

स्‍पीकर के चुनाव से पहले फडणवीस ने उद्धव सरकार को दिया गिफ्ट

न्‍यूज डेस्‍क

महाराष्‍ट्र विधानसभा में स्‍पीकर के चुनाव से पहले बीजेपी ने उद्धव सरकार को बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, बीजेपी उम्‍मीदवार किशन कथोरे ने विधानसभा स्‍पीकर पद का चुनाव न लड़ने का फैसला किया है, जिसके बाद महाविकास अघाड़ी के प्रत्‍याशी नाना पटोले निर्विरोध स्पीकर चुन लिए गए। नाना पटोले ने विधानसभा स्पीकर का पदभार भी संभाल लिया है।

प्रोटेम स्पीकर दिलीप वलसे पाटिल ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि नाना पटोले निर्विरोध स्पीकर चुने गए हैं। पाटिल ने कहा कि पटोले से आग्रह किया जाता है कि वे अपना आसन ग्रहण करें। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पटोले को स्पीकर के आसन तक ले गए। उनके साथ अन्य नेता भी थे। बाद में चर्चा शुरू होने पर उद्धव ठाकने ने कहा, नाना पटोले एक किसान परिवार से आते हैं, इसलिए उम्मीद है कि वे सबको इंसाफ दिलाने का काम करेंगे।

विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विधानसभा स्पीकर पद के लिए हमारी पार्टी ने किसान कठोरे का नाम प्रस्तावित किया था। लेकिन सर्वदलीय बैठक और अन्य पार्टियों के आग्रह के बाद हमने फैसला किया कि इस पद का चुनाव निर्विरोध होना चाहिए। इसलिए सबकी सहमति से हमने अपने उम्मीदवार का नाम वापस ले लिया।

स्पीकर के चुनाव और राज्यपाल के अभिभाषण के बाद नागपुर में 16 दिसंबर से विधानसभा का सत्र शुरू होगा। सूत्रों की माने तो उद्धव ठाकरे सत्र शुरू होने से पहले मंत्रियों को शामिल करना चाहते हैं। उनका ध्यान कैबिनेट विस्तार कर मंत्रियों की संख्या 14 तक पहुंचाने की है ताकि सत्र के दौरान बीजेपी के विरोध का मजबूती से सामना किया जा सके।

इस बीच सबका ध्‍यान प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पद पर है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) सूत्रों का दावा है कि अजित पवार उद्धव ठाकरे सरकार में शामिल हो सकते हैं लेकिन उप-मुख्यमंत्री का पद उन्हें मिलेगा या नहीं, अब तक यह तय नहीं है।

सूत्रों के मुताबिक, उद्धव सरकार में मंत्रियों की लिस्ट भी फाइनल हो चुकी है। शिवसेना के मुख्यमंत्री समेत कुल 16 मंत्री शामिल होंगे। इसके अलावा एनसीपी के 15 और कांग्रेस के 12 मंत्री सरकार में शामिल किए जा सकते हैं। बता दें, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार ने अपना काम तो शुरू कर दिया है लेकिन मंत्री पद का बंटवारा अभी होना बाकी है। इसमें देरी की वजह तीनों दलों में सहमती न हो पाना बताया जा रहा है।

दरअसल, सरकार बनने के बाद अभी भी कुछ मुद्दों पर शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच चर्चा जारी है। सूत्रों के मुताबिक, मंत्री पद के बंटवारे से पहले तीनों पार्टियों का एकमत होना जरूरी है। इसके लिए नेताओं के बीच बैठकें होंगी जिसमें पद को लेकर समझौते के आसार हैं।

तीनों पार्टियों की सहमति के बाद ही मंत्रियों के नाम का ऐलान हो सकेगा। सूत्रों ने बताया कि शिवसेना के मुख्यमंत्री के साथ 16 मंत्री होंगे। एनसीपी के 15 और कांग्रेस के 12 मंत्री सरकार में शामिल हो सकते हैं। एनसीपी ने स्पीकर पद कांग्रेस को दे दिया है, इसलिए वह एक और मंत्री पद की मांग कर रही है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला होना बाकी है।

वहीं कांग्रेस स्‍पीकर के अलावा डिप्‍टी सीएम पद की मांग कर रही है। जिसको लेकर पार्टी के नेता लगातार शिवसेना और एनसीपी पर दबाव बना रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उद्धव सरकार में 30 कैबिनेट मंत्री होंगे जबकि 12 राज्यमंत्री बनाए जाएंगे। अगले हफ्ते तक मंत्रियों के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। सूत्र यह भी बताते हैं कि अहम मंत्री पदों पर बात हो चुकी है लेकिन इसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।

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