भाजपा नेता का दावा, निष्पक्ष चुनाव हो तो बीजेपी को मिलेगी 40 सीट


पॉलीटिकल डेस्क
भाजपा नेता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अजय अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर उन पर एहसान फरामोशी का आरोप लगाया है। अग्रवाल ने पत्र में दावा करते हुए लिखा है कि निष्पक्ष चुनाव होंगे तो आप जो 400 सीटों पर जीत का दावा कर रहे हैं, उसकी जगह देशभर में सिर्फ 40 सीटों पर भी सिमट सकते हैं। यह सदमा झेलने के लिए आप तैयार रहें।
भाजपा नेता अजय अग्रवाल 2014 लोकसभा चुनाव में रायबेली से सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। अग्रवाल वहां से सबसे अधिक वोट पाने वाले भाजपा नेता हैं। हालांकि, इस बार रायबरेली से उनका टिकट काट दिया गया। टिकट न मिलने से अग्रवाल पीएम मोदी से खासा नाराज है।
पत्र में अजय अग्रवाल ने मोदी पर बहुत ही गंभीर आरोप लगाने के साथ कई बातों का जिक्र किया है। प्रधानमंत्री मोदी से अपनी नजदीकी का के साथ गुजरात चुनाव, लालकृष्ण आडवाणी और नोटबंदी के दौरान भ्रष्टाचार का जिक्र किया है।
अग्रवाल ने पत्र में गुजरात चुनाव का जिक्र करते हुए कहा है कि उनकी ही वजह से गुजराज में बीजेपी जीत पायी। अग्रवाल ने दावा किया है कि संघ के शीर्ष नेता भी यह बात स्वीकार करते हैं कि गुजरात का चुनाव जीताने में उनकी सूचना ने बड़ी भूमिका अदा की थी।

मोदी पर एहसानफरामोशी का आरोप लगाते हुए अग्रवाल ने कहा, ‘अगर मैंने गुजरात चुनाव के दौरान मणिशंकर अय्यर के जंगपुरा स्थित घर पर छह दिसंबर 2018 की शाम पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की हुई मीटिंग का खुलासा न किया होता तो भाजपा वह चुनाव शर्तियां हार जाती।’
पीएम मोदी ने बाद में मणिशंकर अय्यर के घर हुई इस मीटिंग को देश की सुरक्षा से जोड़ते हुए चुनावी रैलियों में भुनाया था, उनके भाषणों में इसका जिक्र है। इसके चलते हुए ध्रुवीकरण के सहारे बीजेपी हारते हुए भी गुजरात चुनाव जीतने में सफल रही।
अपने दावे के समर्थन में अजय अग्रवाल ने संघ के सह सर कार्यवाह दत्तात्रेय होशबोले के साथ फोन पर हुई कथित बातचीत का ऑडियो भी जारी किया है, जिसमें दत्तात्रेय कथित तौर पर यह कहते सुने जा सकते हैं कि उस खुलासे (पाक उच्चायुक्त के साथ मनमोहन सिंह की मीटिंग) ने भाजपा को गुजरात जिता दिया।
राय बरेली में बीजेपी प्रत्याशी को नहीं मिलेगा 50 हजार से ज्यादा वोट
मोदी से अपने रिश्तों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी के साथ मेरा 28 सालों का परिचय है और हमने 11 अशोका रोड स्थित दफ्तर पर सैकड़ों बार एक साथ खाना खाया है। इसके बावजूद मेरे साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया गया।’
अग्रवाल ने टिकट न मिलने पर रोष जताते हुए कहा, रायबरेली चुनाव इतिहास में बीजेपी की तरफ से सबसे ज्यादा 1,73,721 वोट प्राप्त कर मैने गांधी परिवार के गढ़ में पार्टी की प्रतिष्ठा बचाई, जबकि 2014 से पूर्व के चुनावों में बीजेपी प्रत्याशियों को बहुत कम वोट मिलते थे।
उन्होंने कहा, ‘फिर भी मेरा टिकट काटकर एक दागी छवि के प्रत्याशी को इस बार भाजपा ने रायबरेली से टिकट दिया है। मेरा दावा है कि पार्टी प्रत्याशी को 50 हजार से ज्यादा वोट नहीं मिलेगा।’
गुजरात विधानसभा चुनाव जीतने के लिए ली गई आडवाणी की राजनीति बलि

अजय अग्रवाल ने आरोप लगाया कि लालकृष्ण आडवाणी जी की गुजरात विधानसभा चुनाव जीतने के लिए ही राजनीतिक बलि ले ली गई थी। उन्होंने कहा कि पूरे देश की जनता यह चाहती थी कि माननीय लालकृष्ण आडवाणी जी को देश का राष्ट्रपति बनाया जाए लेकिन जब गुजरात में हार के संकेत मिलने लगे तब परंपरागत रूप से कांग्रेस के वोट बैंक कोली समाज को अपने पक्ष में करने के लिए रामनाथ कोविंद जी को राष्ट्रपति बना दिया गया।
बीजेपी के कई नेता चाहते थे बीजेपी हार जाए गुजरात विधानसभा चुनाव

अजय अग्रवाल नेे दावा किया है कि गुजरात में सरकार बनने के बाद भाजपा के तीन वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बीजेपी की सरकार बनवाने के लिए मुझे जमकर कोसा था। उन्होंने कहा था कि पूरी की पूरी पार्टी (भाजपा) इंतजार कर रही थी कि यह लोग (मोदी+शाह) गुजरात चुनाव हारें, जिससे कि इनका अहंकार टूट जाए। उन्होंने आगे मुझसे यह भी कहा था कि आपने इनके लिए इतना बड़ा काम कर दिया परन्तु यह आपको भी नहीं पूछेंगे।
नोटबंदी के दौरान हुआ भ्रष्टाचार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि नोटबंदी के दौरान हुए भ्रष्टाचार को लेकर कई बार आपको पत्र लिखकर जमीनी सच्चाई से रूबरू कराने की कोशिश की, मगर कार्रवाई की जगह उल्टे आपकी नाराजगी का शिकार हो गया।
उन्होंने कहा, ‘आपको आशा थी कि कम से कम पांच लाख करोड़ रूपया वापस नहीं आएगा और यही सरकार की आय हो जायेगी परन्तु 99 प्रतिशत पैसा वापस आ गया और उसमें बहुत बड़ी मात्रा नकली नोटों की थी जो कि बैंक वालों ने कुछ लोगों से मिलीभगत करके जमा करवा दिए थे। जिसकी कोई जांच पड़ताल या शिनाख्त आज तक नहीं हो पाई।’
अग्रवाल ने अपने पत्र में आरोप लगाया, ‘आप (मोदी) देश के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति है और आपको को किसी के सुझाव या कोई भी सलाह मशवरा की आवश्यकता नहीं है तभी तो आपने नोटबंदी का तुकलकी फरमान सरकार की बिना तैयारी के जारी कर दिया था और गरीब जनता को लाइन में लगवाकर मरने को मजबूर कर दिया।
कार्यकर्ताओं को गुलाम की तरह इस्तेमाल करते हैं मोदी
अग्रवाल ने पत्र में लिखा है, ‘आप मेरे जैसे अन्य कार्यकर्ताओं को भी गुलाम की ही तरह इस्तेमाल करते हैं और कार्यकर्ता अपना घर-द्वार छोड़कर 24 घंटे आप के जुमलों के झांसे में आकर काम करता रहता है और उसको वह सम्मान भी नहीं मिलता जिसका कि वह हकदार है।’



