जॉनसन एंड जॉनसन पर क्यों आया 5.5 अरब डॉलर का संकट? बेबी पाउडर केस की पूरी कहानी

नई दिल्ली: दुनिया की मशहूर फार्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) ने अपने बेबी पाउडर और टैल्कम प्रोडक्ट्स को लेकर चल रहे हजारों मुकदमों को खत्म करने के लिए बड़ा प्रस्ताव दिया है। कंपनी ने इन कानूनी मामलों के निपटारे के लिए करीब 5.5 अरब डॉलर (लगभग 5.5 बिलियन डॉलर) तक भुगतान करने की पेशकश की है।
इन मुकदमों में आरोप लगाया गया है कि कंपनी के टैल्कम आधारित प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से ओवरी (अंडाशय) कैंसर हुआ। हालांकि, जॉनसन एंड जॉनसन ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया है।
वर्षों पुराने विवाद को खत्म करने की कोशिश
न्यू जर्सी स्थित हेल्थकेयर कंपनी पर पिछले कई वर्षों से हजारों मुकदमे चल रहे हैं। इन मामलों ने कंपनी पर कानूनी और आर्थिक दबाव बढ़ाया है।
अब कंपनी इस समझौते के जरिए लंबे समय से चले आ रहे विवाद को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
कंपनी ने आरोपों से किया इनकार
जॉनसन एंड जॉनसन ने कहा है कि उसके टैल्कम वाले प्रोडक्ट्स कैंसर का कारण नहीं बनते। कंपनी के लिटिगेशन मामलों के वाइस प्रेसिडेंट एरिक हास ने इन आरोपों को “बेबुनियाद” बताया।
उन्होंने कहा कि कंपनी केवल इस विवाद को स्थायी रूप से खत्म करने के उद्देश्य से समझौते का रास्ता अपना रही है।
अगले साल करेगी 3 अरब डॉलर तक भुगतान
कंपनी के मुताबिक, वह अगले साल तक करीब 3 अरब डॉलर तक का भुगतान कर सकती है। इसके बाद 2028 से पहले किसी अतिरिक्त भुगतान की जरूरत नहीं होगी।
हालांकि, यह समझौता तभी प्रभावी होगा जब कानूनी प्रक्रिया और संबंधित पक्षों की मंजूरी पूरी हो जाएगी।
बेबी पाउडर के फॉर्मूले में किया बदलाव
जॉनसन एंड जॉनसन ने अपने लोकप्रिय बेबी पाउडर के फॉर्मूले में भी बदलाव किया है। कंपनी ने कई बाजारों में टैल्क आधारित पाउडर की जगह कॉर्नस्टार्च आधारित विकल्प पेश किए हैं।
कानूनी लड़ाई बनी कंपनी के लिए बड़ी चुनौती
टैल्कम प्रोडक्ट्स से जुड़े मामले जॉनसन एंड जॉनसन के लिए लंबे समय से बड़ी कानूनी चुनौती बने हुए हैं। कंपनी का कहना है कि वैज्ञानिक अध्ययनों में उसके उत्पादों को कैंसर से जोड़ने वाला कोई निर्णायक प्रमाण नहीं मिला है, जबकि मुकदमा करने वाले पक्षों का दावा है कि उत्पादों में मौजूद टैल्क से स्वास्थ्य जोखिम पैदा हुए।
अब इस प्रस्ताव के बाद यह देखना अहम होगा कि क्या वर्षों पुराना यह विवाद समझौते के जरिए खत्म हो पाता है या कानूनी लड़ाई आगे भी जारी रहती है।



