NTA vs Non-NTA Exams: क्या वाकई दूसरी एजेंसियों से खराब है NTA का ट्रैक रिकॉर्ड?

जुबिली स्पेशल डेस्क
नई दिल्ली। नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) विवाद के बाद आज, 21 जून को देश भर में दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है।
12 मई को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द हुई इस परीक्षा ने एक बार फिर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस बीच, इंडियन एक्सप्रेस ने साल 2018 (जब NTA का गठन हुआ) से लेकर अब तक की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं के रिकॉर्ड का एक विस्तृत विश्लेषण किया है।
इस रिपोर्ट में यह समझने की कोशिश की गई है कि क्या NTA और अन्य गैर-NTA एजेंसियों (जैसे UPSC, IIT, IIM) की कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता में वाकई कोई बड़ा अंतर है?
संसदीय समिति की रिपोर्ट: NTA के कामकाज पर गंभीर सवाल
पिछले साल संसद में पेश की गई संसदीय स्थायी समिति की 371वीं रिपोर्ट में NTA की कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की गई थी।
- 2024 का संकट: समिति ने रेखांकित किया कि 2024 में NTA द्वारा आयोजित 14 प्रमुख परीक्षाओं में से 5 गंभीर विवादों में रहीं। इसी वजह से UGC-NET, CSIR-NET और NEET-PG को टालना पड़ा था।
- JEE Main 2025 की चूक: जनवरी 2025 में आयोजित JEE Main की अंतिम आंसर-की (Answer Key) में हुई बड़ी चूक के कारण 12 प्रश्न हटाने पड़े थे, जिससे छात्रों का भरोसा डिगा।
NTA का टाइमलाइन विश्लेषण: 2019 की साफ छवि से 2026 के संकट तक
NTA के 8 साल के इतिहास को देखें तो शुरुआती वर्ष बेहद सफल रहे, लेकिन हाल के दिनों में ग्राफ तेजी से गिरा है:
2019-2020: शानदार शुरुआत
गठन के शुरुआती दो वर्षों में NTA ने NEET, JEE Main और UGC-NET जैसी विशाल परीक्षाएं बिना किसी बड़े विवाद या पेपर लीक के सफलतापूर्वक आयोजित कीं।
2021-2022: विवादों की सुगबुगाहट
- 2021: जयपुर में NEET पेपर लीक की अफवाहें उड़ीं और सोनीपत में ‘अफिनिटी एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा कंप्यूटर हैक करने का मामला सामने आया। हालांकि, NTA ने देशव्यापी लीक से इनकार किया।
- 2022: CUET की शुरुआत हुई, जो पेपर लीक से तो बची रही लेकिन तकनीकी गड़बड़ियों और अव्यवस्था का शिकार हुई। UGC-NET इतिहास के पेपर लीक के आरोपों को NTA ने खारिज कर दिया।
2024-2026: साख का सबसे बड़ा संकट
- 2024 का हजारीबाग कांड: NEET-UG का पेपर स्ट्रॉन्ग रूम से लीक हुआ, जिसे 30-30 लाख रुपये में बेचा गया। 67 छात्रों के फुल मार्क्स आने पर मचे बवाल के बाद CBI ने 5 चार्जशीट दाखिल कीं।
- 2025-2026: CSIR-UGC NET और अब NEET 2026 का पेपर लीक होना यह दर्शाता है कि 2024 के बाद NTA की परीक्षाओं में गड़बड़ी का एक नया ‘ट्रेंड’ सेट हो गया है।
तुलनात्मक विश्लेषण: गैर-NTA एजेंसियां क्यों हैं आगे?
इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल के मुताबिक, NTA के दायरे से बाहर की संस्थाओं का हालिया रिकॉर्ड काफी मजबूत और पारदर्शी रहा है:
| परीक्षा (एजेंसी) | हालिया रिकॉर्ड (2021-2026) | ऐतिहासिक विवाद |
| UPSC सिविल सेवा | पूरी तरह साफ (सरकार ने राज्यसभा में पुष्टि की कि कोई लीक नहीं हुआ)। | 2025 प्रीलिम्स में एक गुजराती अखबार ने आरोप लगाए, जो खारिज हुए। |
| JEE Advanced (IITs) | शून्य विवाद, तकनीकी और प्रशासनिक रूप से बेहद मजबूत। | कोई बड़ा विवाद नहीं। |
| CAT (IIMs) | पिछले दो दशकों से पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय। | साल 2003 में पेपर लीक हुआ था (रणजीत डॉन की गिरफ्तारी के बाद दोबारा परीक्षा हुई थी)। |
ऐसा नहीं है कि गैर-NTA परीक्षाएं पूरी तरह अछूती हैं। राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली BPSC (2022), UP पुलिस कांस्टेबल (2024), RPSC शिक्षक भर्ती (2022) और UP-TET (2021) जैसी राज्य स्तरीय परीक्षाओं में भी बड़े पैमाने पर पेपर लीक की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
बदला हुआ ट्रेंड
डेटा विश्लेषण से साफ है कि 2019 से 2023 के बीच NTA एक सुरक्षित एजेंसी के रूप में काम कर रही थी। लेकिन पिछले दो वर्षों (2024-2026) में सुरक्षा प्रणालियों में आई शिथिलता के कारण राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की शुचिता प्रभावित हुई है। दूसरी ओर, UPSC और IIT जैसी संस्थाएं अपनी सख्त और विकेंद्रीकृत प्रक्रियाओं के कारण अपनी साख बचाने में सफल रही हैं।

