US-Iran Deal: अमेरिका और ईरान में हुआ ऐतिहासिक समझौता, पर सबसे बड़ा सवाल- कहां छिपे हैं सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई?

Highlights:

  • 14 जून को अमेरिका और ईरान के बीच डिजिटल माध्यम से ऐतिहासिक डील पर साइन हुए।
  • 19 जून को स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के डेलिगेशन के बीच MoU पर हस्ताक्षर होंगे।
  • पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार जुलाई में होगा, मुज्तबा के सामने आने की उम्मीद।

तेहरान/वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव और युद्ध का दौर आखिरकार खत्म होने जा रहा है। दोनों देशों के बीच विवाद को पूरी तरह समाप्त करने पर सहमति बन गई है। बीते रविवार यानी 14 जून को इस ऐतिहासिक डील पर डिजिटल साइन (Digital Sign) कर दिए गए हैं। अब दुनिया की नजरें 19 जून को स्विट्जरलैंड में होने वाली आमने-सामने की बैठक पर टिकी हैं, जहां दोनों देशों के डेलिगेशन आधिकारिक तौर पर एमओयू (MoU) साइन करेंगे।

इस बड़ी कूटनीतिक जीत के बीच दो सबसे बड़े सवाल तैर रहे हैं— पहला यह कि स्विट्जरलैंड में ईरान की तरफ से इस डील को टेबल पर कौन लीड करेगा? और दूसरा यह कि युद्ध खत्म होने के बाद भी ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) अब तक सामने क्यों नहीं आए हैं?

अमेरिकी अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, इस डिजिटल समझौते पर अमेरिका की तरफ से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हस्ताक्षर किए हैं। वहीं, ईरान की तरफ से पार्लियामेंट के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालीबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने साइन किए हैं। हालांकि, ईरान ने आधिकारिक तौर पर नाम की पुष्टि नहीं की है।

सोमवार को स्पीकर गालीबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा..

“ईरान ने अमेरिका से एग्रीमेंट कर फाइनल विक्ट्री (अंतिम जीत) की तरफ एक बड़ा कदम उठाया है।”

सीजफायर से लेकर अब तक की पूरी बातचीत को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची (Abbas Araghchi) और स्पीकर गालीबाफ ही लीड करते आए हैं। इससे पहले पाकिस्तान में हुई गुप्त बैठक में भी अमेरिका की तरफ से जेडी वेंस और ईरान की तरफ से गालीबाफ व अरागची ही मुख्य भूमिका में थे। ऐसे में पूरी उम्मीद है कि 19 जून को स्विट्जरलैंड की टेबल पर भी गालीबाफ ही ईरान का नेतृत्व करेंगे।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन (Masoud Pezeshkian) ने 15 जून को तेहरान में सीनियर अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरी टीम को इस डील के लिए बधाई दी। पेजेश्कियन ने कहा कि यह समझौता सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की तय गाइडलाइंस और नीतियों के अनुसार ही हो रहा है।

लेकिन बड़ा सस्पेंस यह है कि अगर सब कुछ मुज्तबा खामेनेई के इशारे पर हो रहा है, तो वह खुद जनता या मीडिया के सामने क्यों नहीं आ रहे हैं?

दरअसल, 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के एक भीषण हमले में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई थी। तब से मुज्तबा खामेनेई अंडरग्राउंड हैं और उनके घायल होने की खबरें भी आती रही हैं। उन्होंने देश को सिर्फ वीडियो संदेशों के जरिए संबोधित किया है।

  • पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में 4 जुलाई से शुरू होंगी।
  • 9 जुलाई को उन्हें उनके जन्मस्थान मशहद में दफन (सुपुर्द-ए-खाक) किया जाएगा।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि मुज्तबा खामेनेई अपने पिता की इस अंतिम यात्रा के दौरान पहली बार दुनिया के सामने आ सकते हैं।

युद्ध की शुरुआत में जहां अमेरिकी प्रशासन मुज्तबा खामेनेई को निशाना बनाने की बातें कर रहा था, वहीं अब डील के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर भी नरम पड़ गए हैं। ट्रंप ने हाल ही में कहा है कि अगर मुज्तबा खामेनेई उनसे मिलना चाहते हैं, तो वह इसके लिए तैयार हैं।

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