Gold Silver Price Today: सोना – चांदी में भी बड़ी गिरावट; जानें नए रेट और वजह

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव, मजबूत अमेरिकी डॉलर और निवेशकों की बिकवाली के चलते दोनों कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला। सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 4,300 रुपये तक की गिरावट आई है, जबकि चांदी भी 8,000 रुपये से अधिक टूट गई है।
सोने की कीमत में बड़ी गिरावट
आज 24 कैरेट सोना 4,300 रुपये तक सस्ता हो गया। वहीं 22 कैरेट सोना 1,36,450 रुपये से 1,37,160 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव करीब 4,175 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है, जो इस साल के उच्चतम स्तर से 25 प्रतिशत से अधिक नीचे माना जा रहा है।
प्रमुख शहरों में सोने के ताजा भाव
| शहर | 24 कैरेट सोना (प्रति ग्राम) | 22 कैरेट सोना (प्रति ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹14,901 | ₹13,660 |
| मुंबई | ₹14,886 | ₹13,645 |
| कोलकाता | ₹14,886 | ₹13,645 |
| चेन्नई | ₹15,055 | ₹13,800 |
| बेंगलुरु | ₹14,886 | ₹13,645 |
| पुणे | ₹14,886 | ₹13,645 |
| जयपुर | ₹14,901 | ₹13,660 |
चांदी में भी आई बड़ी कमजोरी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव करीब 8,100 से 8,200 रुपये प्रति किलो टूटकर 2,38,225 रुपये प्रति किलो के स्तर पर आ गया। दिल्ली और मुंबई में 999 फाइन चांदी का भाव घटकर 2,35,520 से 2,36,110 रुपये प्रति किलो के बीच पहुंच गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 1.4 प्रतिशत गिरकर 64.48 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जो मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर बताया जा रहा है।
क्यों गिरे सोने-चांदी के दाम?
1. महंगाई और ब्याज दरों की चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका है। निवेशकों को डर है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रख सकता है, जिससे सोने और चांदी जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स की मांग कमजोर हुई है।
2. मजबूत हुआ अमेरिकी डॉलर
भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने डॉलर को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में चुना है। डॉलर इंडेक्स के 99.95 के पार पहुंचने से अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना और चांदी खरीदना महंगा हो गया है, जिससे मांग में कमी आई है।
3. चांदी में प्रॉफिट बुकिंग
विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद चांदी में बड़े स्तर पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली है। इसके अलावा एआई आधारित ट्रेडिंग सिस्टम की बिकवाली ने भी गिरावट को और तेज कर दिया।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की चाल और मध्य पूर्व के घटनाक्रम पर आगे भी सोने-चांदी की कीमतें निर्भर रहेंगी। ऐसे में निवेशकों को फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए।



