CBSE OSM Scam: सीबीएसई मूल्यांकन में महाघोटाला! सरकार का बड़ा एक्शन, चेयरमैन और सेक्रेटरी सस्पेंड; 17 साल के छात्र ने खोली पोल

- ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में गड़बड़ी के बाद हड़कंप
- ब्लैकलिस्टेड कंपनी ने नाम बदलकर हथियाया था टेंडर!
जुबिली स्पेशल डेस्क
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) प्रणाली में सामने आई भारी गड़बड़ियों और छात्रों के भविष्य से हुए खिलवाड़ के बाद मोदी सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। सरकार ने मंगलवार को एक बेहद बड़ा और कड़ा कदम उठाते हुए सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और बोर्ड के सचिव (Secretary) हिमांशु गुप्ता (IAS) का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया है।
संसदीय समिति की एक बेहद अहम बैठक के तुरंत बाद सरकार की तरफ से लिए गए इस कड़े फैसले से पूरे शिक्षा जगत और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
17 साल के छात्र ‘सार्थक सिद्धांत’ ने संसदीय समिति के सामने खोली पोल
इस पूरे मामले में सबसे धमाकेदार और बड़ा टर्निंग पॉइंट आज तब आया, जब इस गड़बड़ी से प्रभावित हुए छात्रों में से एक, 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत सीधे शिक्षा मामलों की संसदीय समिति के सामने पेश हुआ।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सार्थक ने समिति के सामने एक विस्तृत और दमदार प्रजेंटेशन दिया। इस प्रजेंटेशन के जरिए उसने ओएसएम (OSM) सीट और कॉपियों के मूल्यांकन में हुई तकनीकी व प्रशासनिक धांधलियों के ऐसे सबूत पेश किए कि समिति के सदस्य भी दंग रह गए। सार्थक के उठाए सवालों के बाद ही समिति ने सरकार को इस गंभीर स्थिति से अवगत कराया, जिसके बाद यह गाज गिरी है।
## नाम बदलकर फिर हथियाया टेंडर; अब होगी ‘महा-जांच’
सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली और कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन की इस प्रक्रिया पर पिछले कई दिनों से सवाल उठ रहे थे। इस मामले का सबसे काला सच यह है कि जिस COEMPT नामक कंपनी ने इस बार सीबीएसई का यह टेंडर हासिल किया था, वह पहले से ही दागी थी।
आरोप है कि साल 2019 में एक बड़े विवाद के बाद इस कंपनी को लेकर गंभीर सवाल उठे थे, जिसके बाद इस कंपनी ने शातिर तरीके से अपना नाम बदला और दोबारा सीबीएसई का करोड़ों रुपये का टेंडर हथिया लिया। अब शिक्षा मंत्रालय ने इस पूरी टेंडर प्रक्रिया और कंपनी की बैकग्राउंड की सघन जांच के आदेश दे दिए हैं।
पूर्व IAS एस. राधा चौहान करेंगी जांच, 1 महीने में देनी होगी रिपोर्ट
इस पूरे टेंडर घोटाले और मूल्यांकन की कमियों को उजागर करने के लिए कैबिनेट सचिवालय ने एक हाई-लेवल ‘एक-सदस्यीय जांच कमेटी’ का गठन कर दिया है।
- कमेटी की कमान: इस जांच कमेटी की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission – CBC) की अध्यक्ष एस. राधा चौहान करेंगी।
- असीमित अधिकार: इस पैनल को यह विशेष अधिकार दिया गया है कि वे जांच के लिए देश के किसी भी अन्य विभाग के अधिकारियों की सहायता ले सकती हैं।
- डेडलाइन: कमेटी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह अपनी पूरी जांच रिपोर्ट एक महीने के भीतर ‘कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग’ (DoPT) को सौंप दे।
नपे दोनों बड़े अधिकारी, एडमिनिस्ट्रेशन में हड़कंप
सरकार के इस हंटर की जद में आए दोनों आईएएस अधिकारी बोर्ड के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ थे:
- IAS राहुल सिंह (चेयरमैन): ये बोर्ड की पूरी कार्यप्रणाली और परीक्षाओं में होने वाले सुधारों के मुख्य प्रभारी थे।
- IAS हिमांशु गुप्ता (सचिव): ये बोर्ड के भीतर प्रशासन, भारी-भरकम वित्त (Finance) और स्कूलों की संबद्धता (Affiliations) से जुड़े तमाम बड़े मामलों की देखरेख कर रहे थे।



