ट्रंप की एक चेतावनी और हिल गया दुनिया का तेल बाजार, $110 के पार ब्रेंट क्रूड
जुबिली स्पेशल डेस्क
नई दिल्ली/वाशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में एक बार फिर आग लग गई है। अमेरिका और ईरान के बीच गहराते कूटनीतिक और सैन्य तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) $110 प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। इस बेतहाशा तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह हालिया बयान है, जिसमें उन्होंने ईरान को दो टूक शब्दों में ‘आखिरी चेतावनी’ दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की इस उछाल का सीधा असर आने वाले दिनों में आम आदमी की जेब पर पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के रूप में देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की इस उछाल का सीधा असर आने वाले दिनों में आम आदमी की जेब पर पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के रूप में देखने को मिल सकता है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे ब्रेंट और WTI क्रूड के भाव
ग्लोबल ऑयल मार्केट में सोमवार को जबरदस्त तेजी दर्ज की गई
- ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स (Brent Crude): इसमें 1.32% (लगभग $1.44) की जोरदार छलांग देखने को मिली, जिसके बाद यह 110.70 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह 5 मई के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है।
- WTI क्रूड (West Texas Intermediate): अमेरिकी क्रूड भी पीछे नहीं रहा और 1.75% ($1.84) की बढ़त के साथ 107.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जो 4 मई के बाद का इसका शीर्ष स्तर है।
50% से ज्यादा की तेजी
गौरतलब है कि फरवरी के अंत में जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर शुरुआती सैन्य कार्रवाई की थी, तब से लेकर अब तक कच्चे तेल की कीमतों में 50 फीसदी से अधिक का बेतहाशा उछाल आ चुका है।
डोनाल्ड ट्रंप की वो चेतावनी, जिससे बाजार में फैली दहशत
कच्चे तेल के बाजार में इस ताजा उबाल के पीछे डोनाल्ड ट्रंप का एक सोशल मीडिया पोस्ट है। रविवार को ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए लिखा कि तेहरान के पास अब फैसला लेने का समय खत्म हो रहा है। उन्हें जल्द ही कोई डील फाइनल करनी होगी, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।
‘एक्सियोस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ईरान के साथ एक सख्त और त्वरित समझौता चाहते हैं। इस सिलसिले में उन्होंने शनिवार को अपनी कोर टीम के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, सीआईए प्रमुख जॉन रैटक्लिफ और व्हाइट हाउस के दूत स्टीव विटकॉफ शामिल थे। मंगलवार को ट्रंप अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ एक और बड़ी बैठक करने जा रहे हैं।
होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई चेन ठप, UAE में ड्रोन हमला
कच्चे तेल की कीमतों को हवा देने में मिडिल ईस्ट का मौजूदा संकट सबसे बड़ा फैक्टर बनकर उभरा है:
- होर्मुज स्ट्रेट संकट: दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग से जहाजों की आवाजाही बेहद कम हो गई है, जिससे फारस की खाड़ी के उत्पादक देशों के सामने एक्सपोर्ट का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
- ग्लोबल एजेंसियों की चेतावनी: दिग्गज वित्तीय संस्था मॉर्गन स्टेनली ने सचेत किया है कि बाजार इस वक्त समय के खिलाफ दौड़ रहा है। अगर जून तक होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता सामान्य नहीं हुआ, तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है।
- रशियन ऑयल पर पाबंदी: ट्रंप प्रशासन द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने पर दी गई छूट (Waiver) को खत्म करने के फैसले ने भी सप्लाई पर भारी दबाव डाला है (बता दें कि भारत ने इस छूट को आगे बढ़ाने की मांग की थी)।
- परमाणु प्लांट पर हमला: इसी वीकेंड संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एक न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए संदिग्ध ड्रोन हमले ने इस बात की तस्दीक कर दी है कि क्षेत्र के ऊर्जा ठिकाने अब भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।
क्या फिर शुरू होगा युद्ध? इजरायल की नई तैयारी
8 अप्रैल को हुए सीजफायर (युद्धविराम) के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि शांति बहाल होगी, लेकिन जमीनी हालात बिल्कुल उलट हैं। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सुरक्षा कैबिनेट के वरिष्ठ सदस्य ज़ेव एल्किन ने ‘कान रेडियो’ पर बयान देकर सनसनी फैला दी है। एल्किन ने साफ कहा है कि अगर व्हाइट हाउस (ट्रंप) से ग्रीन सिग्नल मिलता है, तो इजरायली सेना ईरान पर दोबारा भीषण बमबारी करने के लिए पूरी तरह तैयार है और उनके पास टारगेट की लिस्ट पहले से ही फाइनल है।
