तलाकशुदा शख्स की शर्तों ने मचाया बवाल, मैचमेकर ने ठुकराया क्लाइंट

आज के दौर में जहां रिश्तों में बराबरी और समझ को महत्व दिया जा रहा है, वहीं एक 37 वर्षीय तलाकशुदा व्यक्ति की सोच ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। एक मशहूर मैचमेकर और डेटिंग कोच ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस व्यक्ति की शादी से जुड़ी शर्तों का खुलासा किया, जिसे सुनकर लोग हैरान रह गए।
क्या थीं शर्तें?
मैचमेकर के अनुसार, यह व्यक्ति एक बड़ी कंपनी में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत है। लेकिन जब बात शादी की आई, तो उसने कुछ सख्त और विवादित शर्तें रखीं—
- लड़की की उम्र 30 साल से कम हो
- ब्राह्मण समुदाय से हो
- पहले कभी शादी न हुई हो
- कोई पिछला रिलेशनशिप न रहा हो
- वर्जिन हो
“मैं पुरुष हूं” जवाब से बढ़ा विवाद
जब मैचमेकर ने उससे पूछा कि क्या यही नियम उस पर भी लागू होते हैं, तो उसका जवाब था—“यह तुलना सही नहीं है, क्योंकि मैं पुरुष हूं।” इस बयान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया और जेंडर बायस की बहस को हवा दे दी।
रिसर्च का दिया हवाला, नहीं दिया सबूत
अपनी बात को सही ठहराने के लिए उस व्यक्ति ने दावा किया कि जिन महिलाओं के कई रिश्ते रहे होते हैं, वे शादी में वफादार नहीं रहतीं। हालांकि, उसने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण नहीं दिया। मैचमेकर ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो यही बात उस व्यक्ति पर भी लागू होनी चाहिए।
मैचमेकर ने क्यों किया इनकार?
जब यह साफ हो गया कि वह व्यक्ति अपनी सोच बदलने को तैयार नहीं है, तो मैचमेकर ने उसे क्लाइंट के तौर पर लेने से मना कर दिया। उनका कहना था कि यह सिर्फ पसंद का मामला नहीं, बल्कि असमान और नियंत्रित करने वाली सोच है, जिसमें बराबरी का रिश्ता संभव नहीं है।
सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा
जैसे ही यह मामला सामने आया, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
- कई यूजर्स ने इसे डबल स्टैंडर्ड और अवास्तविक सोच बताया
- कुछ ने तंज कसते हुए कहा कि शायद इसी वजह से उसका तलाक हुआ
- वहीं कुछ लोगों ने इसे व्यक्तिगत पसंद बताते हुए समर्थन भी किया
बदलती सोच बनाम पुरानी मानसिकता
यह मामला दिखाता है कि एक ओर समाज में रिश्तों को लेकर सोच बदल रही है, वहीं कुछ लोग अब भी पुराने और एकतरफा मानकों पर टिके हुए हैं।



