वैभव… वैभव… वैभव! क्रिकेट की नई ‘रन मशीन’ इकाना में हुई फुस्स

जुबिली स्पेशल डेस्क
लखनऊ। शाम के चार बज रहे थे और लखनऊ का शहीद पथ ट्रैफिक जाम से जूझता नजर आ रहा था। लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही थी और यह हुजूम किसी आम वजह से नहीं, बल्कि इकाना स्टेडियम की ओर खिंचा चला जा रहा था। जैसे-जैसे शाम ढल रही थी, क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह भी बढ़ता जा रहा था।
आपको लग रहा होगा कि आज लखनऊ और राजस्थान की टक्कर है, तो लोग ऋषभ पंत को देखने जा रहे होंगे। लेकिन ज़रा ठहरिए! लोगों की यह दीवानगी 15 साल के एक लड़के का खेल देखने के लिए थी।
इकाना के गेट नंबर 1 से लेकर गेट नंबर 5 तक, हर तरफ सिर्फ और सिर्फ वैभव सूर्यवंशी के नाम की गूंज सुनाई दे रही थी। स्टेडियम के आसपास का पूरा क्षेत्र ‘वैभवमय’ हो चुका था। फैंस उनकी जर्सी खरीदने के लिए होड़ लगा रहे थे और उसे पहनकर गर्व से स्टेडियम में प्रवेश कर रहे थे।
शाम सात बजे जब टॉस हुआ और पंत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। ऐसे में वैभव की बल्लेबाजी पहले आ गई, तो दर्शकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लोग भविष्य की इस नई ‘रन मशीन’ की बल्लेबाजी देखने के लिए अपनी कुर्सियों से चिपक गए। मैदान पर जब मोहम्मद शमी के हाथ में गेंद थी और सामने यशस्वी जायसवाल थे, तब भी पूरा स्टेडियम एक ही नाम दोहरा रहा था— वैभव… वैभव!
“हालांकि, इस मुकाबले में वैभव इकाना के दर्शकों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके और महज 8 रन के निजी योग पर पवेलियन लौट गए। उनकी इस छोटी पारी का अंत मोहसिन खान ने किया, जब उनकी एक सटीक गेंद पर वैभव अपना कैच थमा बैठे। जिस खिलाड़ी को देखने के लिए पूरा स्टेडियम शोर मचा रहा था, उसके आउट होते ही मैदान में पल भर के लिए सन्नाटा पसर गया।”



