गैस सिलेंडर की डिलीवरी के लिए अब DAC कोड हुआ अनिवार्य, बुकिंग से पहले जान लें ये नए बदलाव

नई दिल्ली। वैश्विक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में बढ़ती चुनौतियों के बीच, भारत सरकार ने घरेलू गैस वितरण प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) सिस्टम को पूरी तरह अपडेट कर दिया है। अब ग्राहकों को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए ओटीपी की तर्ज पर एक विशेष कोड दिखाना होगा, जिससे बुकिंग के नाम पर होने वाले फ्रॉड पर लगाम लगेगी।

हाल के दिनों में यूएस-ईरान तनाव के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को लेकर फैली अफवाहों और बुकिंग धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।

इससे पहले मार्च में कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि भुगतान के बावजूद उन्हें DAC नंबर प्राप्त नहीं हो रहे थे। जांच में सामने आया कि सिस्टम केवल रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ही कोड भेज रहा था। नया अपडेट: पेट्रोलियम मंत्रालय ने अब इस प्रक्रिया को सहज बना दिया है। अब DAC कोड न केवल एसएमएस, बल्कि आपके WhatsApp और ईमेल पर भी भेजा जाएगा, जिससे मोबाइल नेटवर्क की समस्या होने पर भी डिलीवरी बाधित नहीं होगी।

  1. बुकिंग: अपनी गैस एजेंसी के IVRS नंबर, एसएमएस या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से सिलेंडर बुक करें।
  2. कोड जनरेशन: बुकिंग कन्फर्म होते ही आपके रजिस्टर्ड नंबर/WhatsApp पर एक Delivery Authentication Code (DAC) आएगा।
  3. सुरक्षा: इस कोड को किसी के साथ भी एडवांस में साझा न करें।
  4. वेरिफिकेशन: जब डिलीवरी एजेंट आपके घर आए, तो उसे यह कोड दिखाएं। कोड मैच होने के बाद ही डिलीवरी प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।

महत्वपूर्ण नोट: यदि आपके पास DAC नंबर नहीं है, तो डिलीवरी एजेंट आपको सिलेंडर देने से मना कर सकता है।

मंत्रालय का आश्वासन: आपूर्ति में कोई कमी नहीं

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह की किल्लत की अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार घरेलू उत्पादन बढ़ाने और बुकिंग सिस्टम को और अधिक पारदर्शी बनाने पर लगातार काम कर रही है।

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