पश्चिमी यूपी में दलित राजनीति गरमाई, कॉरिडोर बना चुनावी रणनीति का हिस्सा

जुबिली न्यूज डेस्क

उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित मतदाता एक बार फिर केंद्र में आ गया है। राज्य में लगभग 20 से 21 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला यह वोट बैंक पश्चिमी यूपी की कई सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाता है। ऐसे में डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के मौके पर दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन और सहारनपुर में हुए कार्यक्रमों को सिर्फ विकास परियोजना नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून से इस कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया, जबकि सहारनपुर में आयोजित रोड शो के दौरान भारी भीड़ देखने को मिली। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि इस कॉरिडोर के शुरू होने से सहारनपुर से दिल्ली और देहरादून की दूरी घटकर करीब ढाई घंटे रह जाएगी। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापार, निवेश और पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।

पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ और बागपत जैसे जिलों की कई विधानसभा सीटों पर दलित मतदाता चुनाव परिणामों को प्रभावित करते हैं। पुरकाजी, रामपुर मनिहारान और सहारनपुर देहात जैसी सीटों पर इस वर्ग की भूमिका खासतौर पर निर्णायक मानी जाती है। इसी तरह नगीना लोकसभा क्षेत्र में भी दलित वोटों का प्रभाव काफी मजबूत है। इसी वजह से 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक दल इस वर्ग पर विशेष फोकस कर रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2024 लोकसभा चुनाव में ‘संविधान बचाओ’ जैसे नारों ने दलित मतदाताओं को काफी हद तक प्रभावित किया था, जिसका फायदा इंडिया गठबंधन को मिला। वहीं बहुजन समाज पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। ऐसे में अब सत्ताधारी दल विकास परियोजनाओं के साथ-साथ सामाजिक संदेशों और जनसंपर्क अभियानों के जरिए इस वोट बैंक को साधने की रणनीति पर काम कर रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा है कि सरकार महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास और बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमाओं पर छत्र स्थापित कराएगी और पार्टी कार्यकर्ता नियमित रूप से इन स्थलों की साफ-सफाई करेंगे।

कुल मिलाकर दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर जहां एक बड़ी विकास परियोजना है, वहीं इसके साथ हो रहे कार्यक्रम पश्चिमी यूपी की राजनीति में दलित मतदाताओं के बदलते समीकरणों और आगामी चुनावी रणनीतियों की ओर भी संकेत कर रहे हैं।

Related Articles

Back to top button