इस देश में खसरे का कहर, 100 से ज्यादा बच्चों की मौत

जुबिली न्यूज डेस्क

बांग्लादेश में खसरा का प्रकोप खतरनाक रूप ले चुका है। एक महीने से भी कम समय में 100 से ज्यादा बच्चों की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था को हिला दिया है।

तेजी से फैल रही इस बीमारी को रोकने के लिए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर इमरजेंसी कदम उठाए हैं।

5 अप्रैल को बांग्लादेश सरकार ने यूनिसेफ, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन और गावी, द वैक्सीन एलायंस के साथ मिलकर बड़े स्तर पर खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान लॉन्च किया।

इस अभियान का लक्ष्य:

  • 12 लाख से ज्यादा बच्चों को टीका लगाना
  • उन बच्चों को सुरक्षा देना जिन्हें अब तक वैक्सीन नहीं मिली
  • हाई-रिस्क जिलों में संक्रमण रोकना

सरकार के अनुसार, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार अभियान का विस्तार किया जाएगा।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, खसरा एक बेहद संक्रामक वायरस से होने वाली बीमारी है, जो हवा के जरिए तेजी से फैलती है।

इसके प्रमुख लक्षण:

  • तेज बुखार
  • शरीर पर लाल चकत्ते
  • खांसी और जुकाम
  • आंखों में जलन

मार्च से अब तक 900 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य सिस्टम पर दबाव बढ़ गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • 6 महीने से 5 साल तक के बच्चे सबसे ज्यादा जोखिम में हैं
  • जिन बच्चों का टीकाकरण अधूरा है, उनमें खतरा ज्यादा
  • 9 महीने से कम उम्र के शिशु सबसे ज्यादा संवेदनशील

यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि बिना टीकाकरण के यह बीमारी तेजी से जानलेवा बन सकती है।

डॉक्टरों ने अभिभावकों से अपील की है कि:

  • बच्चों में बुखार या दाने दिखते ही तुरंत अस्पताल जाएं
  • बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न दें
  • टीकाकरण जरूर कराएं

राजधानी ढाका के संक्रामक रोग अस्पताल के विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

बांग्लादेश में खसरे का बढ़ता प्रकोप एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। सरकार और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की ओर से चलाया जा रहा टीकाकरण अभियान इस पर काबू पाने की दिशा में अहम कदम है।

हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और समय पर वैक्सीनेशन ही इस बीमारी को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।

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