गैस सिलेंडर फिर हो सकते हैं महंगे: सप्लाई संकट के बीच महंगाई बढ़ने के संकेत

यूएस-ईरान तनाव और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधा के चलते भारत में महंगाई का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ एलपीजी और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद अब आगे और महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सरकार का बयान: वैश्विक संकट से बढ़ा दबाव
केंद्रीय मंत्री Pralhad Joshi ने हाल ही में कहा है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के कारण ऊर्जा कीमतों पर दबाव बढ़ा है और आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय कई गंभीर संकटों से गुजर रही है, जिसका सीधा असर सप्लाई चेन और ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर पड़ रहा है।
सप्लाई चेन और ट्रांसपोर्ट पर असर
मंत्री के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माल ढुलाई (शिपिंग और ट्रांसपोर्ट) प्रभावित हो रही है। एलपीजी की उपलब्धता सीमित क्षेत्रों तक सिमटने से इसकी लागत बढ़ रही है।
इसके अलावा, ट्रांसपोर्टेशन का खर्च भी बढ़ गया है और कई मामलों में सामान की डिलीवरी में 40–45 दिन तक का समय लग रहा है। इससे इंश्योरेंस और लॉजिस्टिक लागत भी बढ़ रही है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
घरेलू बाजार में पहले ही बढ़ चुके हैं दाम
हाल ही में 7 जून को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में लगभग 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलो का सिलेंडर 942 रुपये तक पहुंच गया है।
इससे पहले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भी इजाफा किया गया था, जिसका असर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों पर साफ देखा जा रहा है।
आम जनता पर बढ़ता बोझ
लगातार बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव और सप्लाई बाधाएं जारी रहीं, तो आने वाले महीनों में घरेलू बजट पर और अधिक दबाव पड़ सकता है।



