‘दुश्मन सिर पर था, लेकिन हमने ढूंढ निकाला…’, ईरान में फंसे जांबाज पर ट्रंप का बड़ा खुलासा, बताया …

मुख्य बिंदु: रेस्क्यू ऑपरेशन की बड़ी बातें
- विमान: अमेरिकी एयरफोर्स का F-15E स्ट्राइक ईगल शुक्रवार को ईरान के दक्षिणी हिस्से में क्रैश हुआ।
- लोकेशन: ईरान का दुर्गम और पथरीला पहाड़ी इलाका।
- मिशन: स्पेशल फोर्सेस और CIA का संयुक्त ऑपरेशन।
- चुनौती: ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) भी सैनिक की तलाश में थी।
वॉशिंगटन/तेहरान | मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने एक बेहद जोखिम भरे सैन्य ऑपरेशन को अंजाम देकर अपने वायु सैनिक (Airman) को ईरान की धरती से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस मिशन की पुष्टि करते हुए इसे अमेरिकी सैन्य इतिहास के “सबसे साहसी रेस्क्यू ऑपरेशनों” में से एक बताया है।
कैसे शुरू हुआ यह घटनाक्रम?
शुक्रवार को अमेरिकी वायुसेना का एक F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान ईरान के दक्षिणी इलाके में मार गिराया गया। विमान में दो क्रू मेंबर सवार थे—एक पायलट और दूसरा वेपन सिस्टम्स ऑफिसर। दोनों ने समय रहते विमान से इजेक्ट कर लिया था। पायलट को तो कुछ ही घंटों में सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन दूसरा जांबाज सैनिक पहाड़ियों में फंस गया था।
24 घंटे तक मौत से लुका-छिपी
वह अमेरिकी सैनिक करीब एक दिन से ज्यादा समय तक दुश्मन के इलाके में अकेला रहा। ईरानी सुरक्षा बल और IRGC उसे बंदी बनाने के लिए लगातार तलाश कर रही थी, लेकिन वह पहाड़ियों में छिपकर अपनी जान बचाने में सफल रहा।
“हमने उसे ढूंढ निकाला। यह हमारे इतिहास के सबसे साहसी सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक है। हमारा बहादुर सैनिक दुश्मन के इलाके में, ईरान के खतरनाक पहाड़ों में छिपा था और दुश्मन उसके सिर पर सवार था।” — डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
CIA की ‘माइंड गेम’ और स्पेशल फोर्सेस का एक्शन
इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए अमेरिका ने दोहरी रणनीति अपनाई:
- भ्रम फैलाने वाली रणनीति (Deception Strategy): CIA ने यह खबर फैला दी कि सैनिक को पहले ही बचाया जा चुका है, ताकि ईरानी बलों का ध्यान भटक सके।
- सटीक इंटेलिजेंस: तकनीक और खुफिया जानकारी के जरिए सैनिक की सटीक लोकेशन ट्रैक की गई।
- भारी एयरस्ट्राइक और कवर: जब स्पेशल फोर्सेस की कमांडो यूनिट जमीन पर उतरी, तब आसमान से अमेरिकी विमानों ने भारी गोलाबारी की। ईरानी बलों को पीछे धकेलने के लिए कई एयरस्ट्राइक भी किए गए ताकि रेस्क्यू टीम सुरक्षित लैंड कर सके।
ईरान की सक्रिय घेराबंदी और युद्ध जैसी स्थितियों के बीच इस मिशन को पूरा करना अमेरिका की सैन्य ताकत और इंटेलिजेंस की बड़ी जीत मानी जा रही है। फिलहाल दोनों क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं और उन्हें अमेरिकी सैन्य बेस पर ले जाया गया है।




