बिहार में ओवैसी की एंट्री! नीतीश को दिया बड़ा ऑफर लेकिन रखी ये शर्त

जुबिली स्पेशल डेस्क

हैदराबाद के सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने नीतीश कुमार सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है, लेकिन इसके साथ उन्होंने एक अहम शर्त भी रखी है सीमांचल को उसका अधिकार मिले। ओवैसी ने आमौर में आयोजित एक जनसभा में कहा कि सीमांचल क्षेत्र लंबे समय से उपेक्षा झेल रहा है और अब वहां की स्थिति में सुधार होना जरूरी है।

बिहार रैली में ओवैसी ने क्या कहा?

ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी नीतीश सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार है, बशर्ते सीमांचल को न्याय मिले।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का विकास पटना और राजगीर तक सीमित रहा है, जबकि सीमांचल में पलायन, भ्रष्टाचार और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है।

ओवैसी ने बताया कि वे अपने चुने हुए विधायकों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखेंगे।उन्होंने कहा,“हमारे पांचों विधायक हफ्ते में दो दिन अपने ऑफिस में बैठेंगे।”“वे अपनी लाइव लोकेशन भी मुझसे साझा करेंगे।”उन्होंने यह भी कहा कि वे हर छह महीने में सीमांचल का दौरा करेंगे।

2020 में AIMIM के विधायक RJD में चले गए थे

इस बार के चुनाव में सीमांचल में एनडीए ने 14 सीटें जीती हैं, जबकि AIMIM ने भी यहां की 5 सीटों पर कब्जा जमाया है। 2020 के चुनाव में भी पार्टी को सीमांचल में 5 सीटें मिली थीं, लेकिन बाद में उसके चार विधायक आरजेडी में शामिल हो गए थे।

सीमांचल में AIMIM की मजबूत पकड़

इस चुनाव ने दिखा दिया है कि सीमांचल में AIMIM को लगातार जनसमर्थन मिल रहा है।इन क्षेत्रों में बड़ी मुस्लिम आबादी रहती है और कोसी नदी के कारण बाढ़ की समस्या अक्सर बनी रहती है। इलाके ज्यादातर ग्रामीण हैं और विकास की बड़ी जरूरत महसूस की जाती है।

बिहार में एनडीए की भारी जीत

इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने भारी बहुमत हासिल किया है।महागठबंधन को उम्मीद के मुकाबले बहुत कम सीटें मिलीं।नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नया कार्यकाल शुरू किया है।

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