Wednesday - 1 April 2020 - 11:59 PM

जानबूझकर कोरोना फैलाने के आरोप में चीन पर किसने ठोका मुकदमा

न्यूज डेस्क

चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया सदमे में हैं। दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका भी कोरोना वायरस के सामने बेबस नजर आ रहा है। उनके लोग मर रहे हैं और वह कुछ नहीं कर पा रहा है। इस बीच अमेरिका की एक कंपनी ने चीन सरकार पर 20 ट्रिलियन डॉलर हर्जाने का मुकदमा ठोक दिया है।

मुकदमा करने वाली कंपनी ने चीन पर आरोप लगाया है कि उसने जानबूझकर इस वायरस को फैलाया है। चीन ने इस वायरस का प्रसार एक जैविक हथियार के रूप में किया है।

अमेरिका के टेक्सास की कंपनी बज फोटोज, वकील लैरी क्लेमैन और संस्था फ्रीडम वाच ने मिलकर चीन सरकार, चीनी सेना, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, वुहान इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर शी झेनग्ली और चीनी सेना के मेजर जनरल छेन वेई के खिलाफ यह मुकदमा किया है।

किस आधार पर किया मुकदमा

कोरोना वायरस से उपजे संकट पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप कई बार इशारों-इशारों में वह चीन पर तंज कस चुके हैं। वह कई बार चाइनीज वायरस कह चुके हैं। अब अमेरिका की एक कंपनी ने चीन के खिलाफ खुलकर मैदान में आ गई है।

मुकदमा करने वाले लोगों ने दावा किया है कि चीनी प्रशासन एक जैविक हथियार तैयार कर रहा था, जिसकी वजह से यह वायरस फैला है और इसीलिए उन्होंने 20 ट्रिलियन डॉलर का हर्जाना मांगा है।

मालूम हो अमेरिकी कंपनी ने जितना हर्जाना मांगा है उतना तो चीन का कुल सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी भी नही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि चीन ने वास्तव में अमेरिकी नागरिकों को मारने और बीमार करने की साजिश रची है।

वादियों का आरोप है कि वुहान वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट द्वारा यह वायरस जानबूझकर छोड़ा गया है। चीन ने कोरोना वायरस का ‘निर्माण’ दुनिया में बड़े पैमाने पर जनसंहार के लिए किया है। मुकदमे में कहा गया है कि जैविक हथियारों को 1925 में ही गैरकानूनी घोषित कर दिया गया है और इन्हें जनसंहार के आतंकी हथियार के रूप में देखा जा सकता है।

इतना ही नहीं अमेरिकी कंपनी ने इस बारे में मीडिया में आई कई खबरों का भी हवाला देते हुए कहा है कि चीन में केवल एक माइक्रोबायोलॉजी लैब वुहान में है जो नोवेल कोरोना जैसे अत्याधुनिक वायरस से निपट सकती है। चीन ने कोरोना वायरस के बारे में इसके बयानों को राष्ट्रीय सुरक्षा प्रोटोकॉल का बहाना बनाकर छिपाया है।

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अमेरिका में कोरोना से बेकाबू हुए हालात

कोरोना वायरस के संक्रमण से अमेरिका खासकर न्यूयार्क में हालात बेकाबू हो गए हैं। न्यूयॉर्क में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है और हर दिन लोगों की मौत भी हो रही है। फिलहाल इसे देखते हुए कोरोना वायरस टास्क फोर्स के सदस्यों ने उन सभी लोगों से आग्रह किया है जिन्होंने पिछले कुछ दिनों में शहर छोड़ दिया है। टास्क फोर्स का कहना है कि ऐसे लोग खुद को क्वारनटीन में रखें ताकि इस घातक बीमारी के फैलाव को रोका जा सके।

मालूम हो कि न्यूयॉर्क में 24 मार्च को नोवल कोरोना वायरस से 53 लोगों की जान चली गई और 5 हजार से ज्यादा नए मामले  सामने आए। अब तक न्यूयॉर्क में 210 लोगों की मौत हो चुकी है और 25 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं।

Worldometer नाम की एक वेबसाइट जो कोविड-19 मामलों के बारे में जानकारी देती है, उसके अनुसार अमेरिका में लगभग 10 हजार नए कोरोना वायरस के मामले मंगलवार को सामने आए। इसी के साथ अमेरिका में 54 हजार मरीजों की संख्या हो गई है और मृतकों का आंकड़ा 700 तक पहुंच गया है।

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