राष्ट्रपति भवन में लगे नेताजी के पोट्रेट की क्या है सच्चाई?

जुबिली न्यूज डेस्क

राष्ट्रपति  भवन में लगे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की एक तस्वीर को लेेकर विवाद छिड़ गया है। कुछ लोग इस तस्वीर को ताजी की जगह एक अभिनेता की तस्वीर बता रहे हैं जो कि साल 2019 में नेताजी पर बनी बायोपिक गुमनामी में सुभाष चंद्र बोस की भूमिका में नजर आए थे।

सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को लेकर बहस छिड़ी हुई है। हालांकि भाजपा के सूत्रों ने अभिनेता की तस्वीर होने वाले आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नेताजी का यह फोटो उनके परिवार ने पद्मश्री अवार्ड विजेता आर्टिस्ट परेश मैती को दिया था। इस फोटो के आधार पर ही उन्होंने पोट्रेट बनाया है।


भाजपा सूत्रों ने कहा कि जिस फोटो को लेकर बहस छिड़ी हुई है वो अभिनेता प्रोसेनजीत की तरह नहीं है और इसे लेकर एक अनावश्यक विवाद हो रहा है।

वहीं नेताजी के भतीजे और बीजेपी के सदस्य चंद्र कुमार बोस ने भी इस तस्वीर को लेकर ट्वीट कर वहीं बात कही है जो बीजेपी सूत्र बता रहे थे।
चंद्र कुमार बोस ने ट्वीट में लिखा है भारत के माननीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी ने जिस पोट्रेट का अनावरण किया है वो नेताजी की मूल तस्वीर पर आधारित एक कलाकार द्वारा बनाया गया चित्र है।

चंद्र कुमार बोस ने अपने ट्वीट में नेताजी की पुरानी तस्वीर भी शेयर की है जिसके आधार पर पोट्रेट बनाया गया है।

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सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति की ओर से अनावरण की गई तस्वीर को लेकर छिड़ी बहस में टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सवाल खड़े किए।

मोइत्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा ‘राम मंदिर को 5 लाख दान करने के बाद, राष्ट्रपति ने प्रसेनजित के चित्र का अनावरण करके नेताजी का सम्मान किया हैं।’

हालांकि उनका यह ट्वीट ज्यादा देर तक टिक नहीं पाया और उन्होंने थोड़ी देर बाद ही इसे डिलीट कर दिया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने चित्र को लेकर अपनी बात रखी। इस बीच श्रीजीत मुखर्जी ने भी ट्वीट कर एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि इसी के आधार पर वो तस्वीर बनाई गई है।

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