क्या है ‘डिजिटल अरेस्ट’ जिसका जिक्र PM मोदी ने खासतौर पर किया है

जुबिली स्पेशल डेस्क

मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने देशवासियों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर हो रही धोखाधड़ी के प्रति जागरूक किया।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा कि “पुलिस, CBI, नार्कोटिक्स या RBI अधिकारी बनकर फ्रॉड करने वालों के द्वारा लोगों को वीडियो कॉल पर धमकाने के कई मामले सामने आए हैं।

मोदी जी ने ऐसी धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताने के साथ-साथ देशवासियों को बताया कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से जाँच नहीं करती।

इस तरह की साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए मोदी जी ने ‘रुको, सोचो और एक्शन लो’ का मंत्र दिया और ऐसे मामले सामने आने पर इनकी जानकारी तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या https://cybercrime.gov.in पर देने की अपील भी की। मोदी सरकार ‘साइबर सिक्योर भारत’ के निर्माण के प्रति संकल्पित है।”

‘डिजिटल अरेस्ट’ यानी ब्लैकमेलिंग। आज के दौर में ये ज्यादा देखने को मिल रहा है और इसके माध्यम से लोगों को आसानी से टारगेट किया जाता है और ब्लैकमेल कर डराया और धमकाया जाता है। इसमें डिजिटल अरेस्ट में कोई आपको वीडियो कॉलिंग के जरिए घर में बंधक बना लेता है।

वह आप पर हर वक्त नजर रख रहा होता है। डिजिटल अरेस्ट के मामलों में ठग कोई सरकारी एजेंसी के अफसर या पुलिस अफसर बनाकर आपको वीडियो कॉल करते हैं। सोशल मीडिया के इस दौर में ये ज्यादा देखने को मिल रहा है।

पीएम मोदी (PM Modi) ने आज डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी एक-एक बात विस्तार से समझाई।पीएम मोदी ने कहा कि Digital Arrest के फ्रॉड में Phone करने वाले कभी पुलिस, कभी C.B.I, कभी नार्कोटिक्स (Narcotics), कभी R.B.I, ऐसे भांति-भांति के लेबल लगाकर बनावटी अधिकरी बनकर बात करते हैं और बड़े कॉन्फिडेंस (confidence) के साथ करते हैं। मुझे ‘मन की बात’ के बहुत से श्रोताओं ने कहा कि इसकी चर्चा जरूर करनी चाहिए।

Related Articles

Back to top button