लापता बच्चे के सवाल पर चीन ने अरुणाचल प्रदेश को लेकर क्या कहा?

जुबिली न्यूज डेस्क

चीन ने एक बार फिर भारत के अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा किया है। अरुणाचल के 17 साल के बच्चे के चीनी सेना द्वारा अपहरण किए जाने का जवाब देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह बात कही है।

इससे पहले अरुणाचल प्रदेश से 17 साल के भारतीय बच्चे के अगवा होने को लेकर चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि इस घटना की कोई जानकारी नहीं है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि जंगनान (चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत या जंगनान कहता रहा है) चीनी क्सिजंग क्षेत्र का हिस्सा है। चीन हमेशा से जंगनान पर भारत के अवैध अतिक्रमण का विरोध करता है।

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पीपल्स लिबरेशन आर्मी कानून के अनुसार बॉर्डर को कंट्रोल करती है और अवैध सीमा प्रवेश और निकास पर नकेल कसती है।

19 जनवरी को अरुणाचल प्रदेश से सांसद तापिर गाओ ने कहा था कि चीनी सैनिकों ने राज्य में ऊपरी सियांग जिले से 17 साल के एक बच्चे का अपहरण कर लिया है।

गाओ ने कहा था कि अपहृत किशोर की पहचान मिराम तरोन के रूप में हुई है। उन्होंने कहा था कि चीनी सेना ने सियुंगला क्षेत्र के लुंगता जोर इलाके से किशोर का अपहरण किया और बचकर भागने में कामयाब रहे तरोन के मित्र जॉनी यइयिंग ने स्थानीय अधिकारियों को अपहरण के बारे में जानकारी दी थी।

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वहीं भारतीय सेना की ओर से 20 जनवरी को बताया गया है कि हॉटलाइन पर चीनी सेना से संपर्क साधा गया है। भारतीय सेना ने पीपल्स लिबरेशन आर्मी से कहा है कि शिकार और जड़ी-बूटियों की तलाश में निकला 17 साल का किशोर मिरम तारोन रास्ता भटक गया है और मिल नहीं पा रहा है।

पीपल्स लिबरेशन आर्मी से किशोर की तलाश करने और उसे प्रोटोकॉल के मुताबिक भारत वापस भेजने की मांग की गई है।

 

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