Monday - 30 January 2023 - 12:10 AM

‘चाहता तो 2003 में ही CM बन जाता’

लखनऊ। चुनावी नतीजा जो भी रहे लेकिन प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के मुखिया शिवपाल सिंह यादव के साथ छोटे दलों का जमावड़ा हो गया है। उन्होंने क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष गोपाल राय व अन्य 50 दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों के साथ बैठक की। इस मौके पर उनकी पीड़ा छलक पड़ी। कहा, मेरे साथ धोखा हुआ है लेकिन मैने उससे सबक सीखा है। हम पहले सत्ता परिवर्तन करेंगे इसके बाद व्यवस्था परिवर्तन करेंगे।

फिर छलकी शिवपाल की पीड़ा, बोले- मेरे साथ धोखा हुआ, चाहते तो 2003 में बन जाते मुख्यमंत्री

शिवपाल ने कहा कि लोकतंत्र विभिन्न जाति, वर्ग व समूहों के समावेश व संयोजन का विशाल मंच है। जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महान लोगों ने कभी पद की कामना नहीं की। गांधी, लोहिया, जेपी इसकी मिसाल हैं। हम चाहते तो 2003 में मुख्यमंत्री बन सकते थे। मेरे साथ उस समय 147 विधायक थे। 2012 में भी स्थिति यही थी लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। हां, आप यह कह सकते हैं कि मेरे साथ धोखा हुआ लेकिन मैंने उससे सबक लिया।

जीएसटी व नोटबंदी के कारण बढ़ी बेरोजगारी

शिवपाल सिंह यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जीएसटी व नोटबंदी की वजह से लोग परेशान हुए, इसी वजह से बेरोजगारी बढ़ी। पीएम मोदी ने झूठ की सीमा पार कर दी। न अच्छे दिन आए, न ही 15 लाख खाते में आए। भ्रष्टाचार लगातार बढ़ता जा रहा है। देश संकट में है, देश के बहादुर जवान शहीद हुए हैं, विदेश नीति ठीक नहीं है।

तब मेरे पास 45 दल थे …

राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व गोपाल राय ने कहा कि पूर्व में हम लोगों के साथ 45 दल थे, उनकी संख्या बढ़कर 60 हो गई। हम सभी मिलकर आगामी लोकसभा व 2022 का विधानसभा चुनाव सत्ता परिवर्तन मोर्चा के सभी घटक दल शिवपाल यादव के नेतृत्व में लड़ेगे।

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