तमिलनाडु में सत्ता के दरवाजे पर विजय, लेकिन ‘मैजिक नंबर’ बना सबसे बड़ा पेंच! कांग्रेस समर्थन के बाद DMK भड़की

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद अभिनेता से नेता बने Vijay ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है, लेकिन मुख्यमंत्री पद की शपथ से पहले ही नंबर गेम ने सियासी हलचल तेज कर दी है।

सूत्रों के मुताबिक, TVK प्रमुख विजय ने राज्यपाल C. P. Radhakrishnan से मुलाकात कर 112 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा। हालांकि तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में सरकार गठन का रास्ता अभी पूरी तरह साफ नहीं माना जा रहा।

TVK को चुनाव में बड़ी सफलता मिली, लेकिन पार्टी अपने दम पर बहुमत से पीछे रह गई। विजय खुद दो सीटों से चुनाव जीतकर आए हैं, जबकि पार्टी के कुल 107 विधायक ही सदन में माने जाएंगे।

कांग्रेस ने फिलहाल अपने 5 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा है। इसके बाद विजय का आंकड़ा 112 तक पहुंचा, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए अब भी 6 विधायकों की जरूरत बनी हुई है।

राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि विजय ने राज्यपाल से कुछ और समय मांगा है ताकि छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों का समर्थन जुटाया जा सके।

तमिलनाडु की राजनीति में सबसे बड़ा मोड़ कांग्रेस के समर्थन के बाद आया। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के समर्थन पत्र मिलने के बाद TVK ने AIADMK के साथ चल रही बातचीत धीमी कर दी।

कांग्रेस ने समर्थन देते समय साफ संकेत दिया कि किसी “सांप्रदायिक ताकत” को सत्ता गठबंधन का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। हालांकि पार्टी ने किसी दल का नाम नहीं लिया, लेकिन इसे AIADMK और भाजपा गठजोड़ की तरफ इशारा माना जा रहा है।

यही वजह है कि अब DMK खुलकर कांग्रेस पर “राजनीतिक विश्वासघात” का आरोप लगा रही है।

अब विजय की नजर उन छोटे दलों पर है जो सरकार गठन में किंगमेकर बन सकते हैं।

  • VCK के दो विधायक गुरुवार को होने वाली पार्टी बैठक के बाद फैसला लेंगे।
  • वाम दलों के चार विधायकों का रुख 8 मई के बाद साफ हो सकता है।
  • PMK के चार विधायक विजय से मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन अभी तक औपचारिक समर्थन पत्र नहीं दिया गया।

कांग्रेस भी CPI, CPM, VCK और IUML जैसी पार्टियों से लगातार संपर्क बनाए हुए है ताकि TVK के लिए समर्थन का आंकड़ा मजबूत किया जा सके।

हालांकि चेन्नई के Jawaharlal Nehru Indoor Stadium में विजय के संभावित शपथ ग्रहण की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन मौजूदा संख्या बल को देखते हुए समारोह टलने की अटकलें भी तेज हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, अगर अगले 24 घंटे में जरूरी समर्थन नहीं मिला तो राज्यपाल सरकार गठन को लेकर और इंतजार कर सकते हैं। वहीं कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के संभावित शपथ समारोह में शामिल होने की भी चर्चा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर विजय बहुमत जुटाने में सफल हो जाते हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में पिछले कई दशकों का सबसे बड़ा सत्ता परिवर्तन माना जाएगा।

एक तरफ DMK सत्ता से बाहर होने के बाद आक्रामक तेवर दिखा रही है, वहीं दूसरी तरफ विजय खुद को “नई राजनीति” के चेहरे के रूप में पेश करने में जुटे हैं। ऐसे में तमिलनाडु की राजनीति अब पूरी तरह नंबर गेम और गठबंधन की रणनीति पर टिक गई है।

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