अपनी कार से नेपाल यात्रा हुई आसान, घर बैठे पाइए डिजिटल परमिट

सोनौली। सड़क मार्ग से भारत और अन्य देशों से नेपाल आने वाले पर्यटकों के वाहनों के लिए अब परमिट और कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है।

नेपाल सरकार ने एक नई ऑनलाइन सेवा शुरू की है, जिसके तहत पर्यटक यात्रा से पहले ही अपने वाहन का पूरा विवरण इंटरनेट पर भर सकेंगे और जरूरी करों का भुगतान भी ऑनलाइन कर पाएंगे।  Screenshot 2026-05-06 133717

इससे सोनौली, जमुनाह, गौरीफंटा जैसे बॉर्डर प्वाइंट्स पर घंटों तक लगने वाली कतारों और कस्टम दफ्तर के चक्कर लगाने की परेशानी से बड़ी राहत मिलेगी। अगर कोई पर्यटक तय अवधि से अधिक समय तक नेपाल में रुकना चाहता है, तो उसे सीमा के भंसार (कस्टम) दफ्तर वापस आने के बजाय, वहीं से ऑनलाइन अवधि बढ़ाने की सुविधा मिल जाएगी।

नेपाल के अर्थ मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने काठमांडू में इस ऑनलाइन प्रणाली का शुभारंभ करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटकों को होने वाली असुविधा दूर करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सुशासन और त्वरित, गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवाएं देने की सरकार की घोषणा को लागू करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है, जिससे पर्यटकों को सीमा पर किसी प्रकार की अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े और सरकारी सेवाएं अधिक तेज़ व प्रभावी बन सकें।

नेपाल भंसार विभाग ने व्यवस्था की है कि ऑनलाइन विवरण भरने और शुल्क अदा करने के बाद पर्यटक के ईमेल पर एक क्यूआर कोड भेजा जाएगा, जिसे बॉर्डर पर दिखाकर वाहन को नेपाल में प्रवेश की अनुमति दे दी जाएगी।  यही क्यूआर कोड साथ रखते हुए पर्यटक वाहन पूरे नेपाल में सड़कों पर बेझिझक यात्रा कर सकेंगे।

भंसार विभाग के महानिदेशक श्याम प्रसाद मैनाली ने बताया कि अब यात्री और पर्यटक स्वयं ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपने वाहन की जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो जाएगी और राजस्व वसूली में भी सहजता आएगी।

पर्यटक वाहनों को नेपाल सरकार को देय शुल्क का भुगतान ऑनलाइन गेटवे के माध्यम से या आवश्यकता होने पर बैंक काउंटर के जरिए भी करने की सुविधा होगी।

ऑनलाइन भुगतान पूरा होते ही वाहन स्वामी के ईमेल पर जो क्यूआर कोड भेजा जाता है, वही आगे नेपाल प्रवेश और आंतरिक यात्रा का डिजिटल परमिट बन जाता है। विभाग के अनुसार, यदि ऐसे वाहनों की वैधता अवधि समाप्त हो जाती है, तो भी वाहन मालिक नेपाल में ही अपने ठहराव के पते से ऑनलाइन लॉगिन कर यात्रा अवधि बढ़ा सकेंगे।

विभाग का कहना है कि अभी चीनी सीमा के रास्ते पर्यटक वाहनों का नियमित आवागमन नहीं हो रहा है, लेकिन यदि भविष्य में चीन या अन्य भूमि मार्गों से विदेशी वाहन आने लगते हैं तो यह सुविधा उनके लिए भी उपलब्ध कराई जा सकती है।

विभाग का अनुमान है कि वर्तमान व्यवस्था से सबसे अधिक लाभ उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश से निजी या टूरिस्ट वाहनों से आने वाले पर्यटकों को मिलेगा, जो त्योहारों और छुट्टियों में बड़ी संख्या में सोनौली और अन्य बॉर्डर प्वाइंट्स से नेपाल पहुंचते हैं।

ऑनलाइन प्रक्रिया का लाभ लेने के इच्छुक पर्यटक वाहनों के मालिकों को भंसार विभाग की वेबसाइट पर जाकर ‘हमारी सेवाएं’ शीर्षक के अंतर्गत ‘टीआईवी’ विकल्प पर क्लिक करना होगा और मांगी गई जानकारी तथा आवश्यक दस्तावेजों को डिजिटल रूप से भरना होगा।

सभी विवरण अपडेट करने के बाद सिस्टम की ओर से एक क्यूआर कोड जनरेट होगा, जिसमें वाहन, मालिक, प्रवेश सीमा, वैधता अवधि और भुगतान किए गए शुल्क से संबंधित सभी जानकारी समाहित रहेगी।  इस क्यूआर कोड को डाउनलोड या प्रिंट कर बॉर्डर पर दिखाने भर से वाहन को नेपाल में प्रवेश मिल जाएगा और सीमा शुल्क दफ्तर में अलग से कागजी परमिट लेने की जरूरत नहीं रहेगी।

सोनौली बॉर्डर के कस्टम अधिकारियों के अनुसार, nnsw.gov.np/tiv/gen पोर्टल पर जाकर पर्यटक अपने दस्तावेजों और वाहन संबंधी जानकारी को ऑनलाइन भरकर सहजता से नेपाल यात्रा कर सकते हैं, जिससे सीमा पर भीड़ और समय दोनों की बचत होगी।

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