Tuesday - 7 February 2023 - 7:34 AM

चोरी- डकैती पर लगाम लगा सकता है ये रास्ता

जुबिली पोस्ट ब्यूरो

लखनऊ। यदि आपको डकैती और चोरी से छुटकारा पाना है तो निश्चित तौर पर अपने घर व दुकान में काम करने वालों का पंजीकरण करवाना होगा। यदि ऐसे करने से आप चूंक जाते है तो आपको इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

यूपी पुलिस ने पब्लिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए और थाने के चक्कर काटने से बचने के लिए लोगों को सुविधा दी है। जिसमें घर बैठे आप थाने से संबंधित तमाम कार्य निपटा सकते है।

टेनेंट एंड सर्वेट वेरीफिकेशन का सिस्टम भले ही पुराना हो, लेकिन उसकी हकीकत यह है कि दुकानदार और मकान मालिक वेरीफिकेशन कराने से खुद कतराते हैं। इसका नजीता कई बार देखने और सुनने को भी मिल चुका है। हाई एजुकेटेड वर्ग भी वेरीफिकेशन को लेकर कल्चर डेवलप नहीं कर पा रहा है।

इसका नतीजा आये दिन पड़ने वाली डकैती में देखने को मिलता रहा है, जिसमें सूत्रधार उनका नौकर ही पाया जाता रहा। उन्होंने ना तो नौकर का वेरीफिकेशन कराया और ना ही उससे कोई आईडी ली थी। शहर में लगातार हो रहे इस तरह के केस को देखते हुए पुलिस ने टेनेंट एंड सर्वेट वेरीफिकेशन को ना केवल सरल कर दिया बल्कि इसे पूरी तरह से फ्री कर रखा है।

ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन

टेनेंट एंड सर्वेट वेरीफिकेशन के लिए अब लोगों को थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यूपी पुलिस के यूपी कॉप एप को डाउनलोड कर उस एप्लीकेशन में टेनेंट और सर्वेट वेरीफिकेशन ऑनलाइन भी करा सकते हैं। इसके लिए एप के प्रोफार्मा में जाकर अपने कर्मचारी की पूरी डिटेल, थाना और निवास के साथ उसकी आईडी आधार या वोटर आईडी कार्ड स्कैन करके डाउनलोड करना होगा, जिससे पुलिस उसके संबंधित थाने से उसकी क्रिमिनल हिस्ट्री की डिटेल मंगवा सकती है। ताकि आप को पता चल जाएगा कि अपने कर्मचारी के खिलाफ कहीं कोई केस रजिस्टर्ड तो नहीं है।

ऑफलाइन भी कर सकते हैं वेरीफिकेशन

एसएसपी कलानिधि नैथानी के अनुसार ऑनलाइन के साथ- साथ ऑफलाइन भी वेरीफिकेशन करा सकते हैं। इसके लिए चाहे तो पुलिस की वेबसाइट पर नौकर व कर्मचारी सत्यापन के कालम में जाकर वहां बने एक प्रोफार्मा को डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें। उस प्रोफार्मा में संबंधित व्यक्ति की पूरी डिटेल के साथ उसकी आईडी की कॉपी लगाकर अपने संबंधित थाना व चौकी में दे सकते हैं।

आईडी लेना ही समझदारी नहीं

एसएसपी कलानिधि नैथानी के अनुसार कई दुकानदार और मकान मालिक कर्मचारी, किराएदार से उनकी आईडी लेकर उससे निश्चिन्त हो जाते हैं कि उनके पास आईडी है, लेकिन क्या वह आईडी प्रमाणित है इसके लिए वेरीफिकेशन जरूरी है। यहीं नहीं आईडी सही भी है तो वेरीफिकेशन के बिना यह पता नहीं चल पाता है उस पर अपराधिक मामले दर्ज हैं या नहीं।

टेनेंट एंड सर्वेट वैरीफिकेशन के लिए लोगों से अपील की जा रही है। वेरीफिकेशन की प्रक्रिया लोगों के लिए बहुत ही सरल की गयी है। ताकि लोग ऑनलाइन और ऑफलाइन वेरीफिकेशन करा सकें, जिससे अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाया जा सके।

कलानिधि नैथानी, एसएसपी

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