Sunday - 1 August 2021 - 12:17 AM

महापौर से मिले साप्ताहिक बाज़ार के व्यापारी नेता

जुबिली न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. साप्ताहिक बाज़ार व्यापारी कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया से मुलाक़ात कर उनसे लॉकडाउन की वजह से लम्बे समय से बेरोजगारी झेल रहे साप्ताहिक बाज़ारों में दुकानें लगाने वाले दुकानदारों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की.

साप्ताहिक बाज़ार व्यापारी कल्याण समिति के अध्यक्ष वसी उल्ला आज़ाद और महामंत्री अनिल सक्सेना ने लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया को बताया कि लखनऊ जिले में पांच साप्ताहिक बाजारें लगाई जाती हैं. जिनमें रविवार को नक्खास, मंगलवार को आलमबाग, बुद्धवार को निशातगंज, बृहस्पतिवार को अमीनाबाद और शनिवार को सदर में बाज़ार लगती है.

कोरोना महामारी की वजह से लगाये गए लॉकडाउन के दौर में तीन महीने तक लगातार साप्ताहिक बाजारें नहीं लग पाईं. इसकी वजह से करीब 1500 दुकानदारों के परिवारों के सामने भुखमरी का संकट आ गया. लॉकडाउन खत्म भी हो गया मगर व्यापारी सिर्फ दो दिन ही दुकानें लगा पा रहे हैं क्योंकि शनिवार और रविवार को साप्ताहिक लॉकडाउन घोषित किया गया है और बृहस्पतिवार को अमीनाबाद के दुकानदारों ने बाज़ार खोलना शुरू कर दिया है. ऐसे में साप्ताहिक बाज़ार नहीं लग सकता है.

व्यापारी नेता वसी उल्ला आज़ाद और अनिल सक्सेना ने महापौर को बताया कि जब कोरोना महामारी का दौर था तब साप्ताहिक बाज़ार के व्यापारियों ने खुद ही महामारी खत्म होने तक बाज़ार न लगाने का फैसला किया था. व्यापारियों ने उस दौर में भी सरकार को आश्वस्त किया था कि जब कोरोना कम हो जायेगा तब जो बाजारें लगेंगी उसमें ऐसी व्यवस्था बनाई जायेगी कि बाज़ार में कहीं भीड़ न जमा होने पाए.

व्यापारी नेताओं ने महापौर से मांग की कि वह ऐसी व्यवस्था बनाएं कि लॉकडाउन का नियम भी बना रहे और दुकानदार भुखमरी से भी न जूझें. व्यापारी नेताओं ने महापौर को यह सुझाव दिया कि नक्खास में लगने वाली साप्ताहिक बाज़ार को सोमवार को कर दिया जाए और शनिवार को लगने वाली सदर की बाज़ार को शुक्रवार कर दिया जाए तो साप्ताहिक बाज़ार के व्यापारियों को सप्ताह में चार दिन दुकानें लगाने को मिल जाएगा.

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व्यापारी नेताओं ने महापौर से कहा कि हमारा ज़रिया सिर्फ साप्ताहिक बाज़ार ही है. दुकानें बंद हो जाने से हमारे परिवारों में रोजी-रोटी का संकट पैदा हो जाता है. महापौर संयुक्ता भाटिया ने व्यापारी नेताओं को आश्वस्त किया है कि दुकानदारों की समस्याओं पर विचार कर उचित निर्णय लिया जायेगा.

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