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	<title>पीएचडी Archives &#060; Jubilee Post | जुबिली पोस्ट</title>
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	<description>News &#38; Information Portal</description>
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		<title>गीतांजलि श्री ने &#8216;रेत समाधि&#8217; को बुकर पुरस्कार मिलने पर क्या कहा?</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/what-did-gitanjali-shree-say-when-sand-samadhi-received-the-booker-prize/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 May 2022 04:33:57 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA['टूंब ऑफ सैंड]]></category>
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		<category><![CDATA[हिंदी समाचार जुबिली पोस्ट]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज डेस्क भारतीय हिंदी लेखिका गीतांजलि श्री की हिंदी से अंग्रेजी में अनुवादित किए गए उपन्यास ‘टॉम ऑफ सैंड’ को प्रतिष्ठित 2022 इंटरनेशनल बुकर प्राइज से सम्मानित किया गया है। मूल रूप से यह उपन्यास हिंदी ‘रेत समाधि’ के नाम के शीर्षक से लिखा गया है, जिसे अंग्रेजी में डेजी रॉकवेल ने अनुवाद किया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #000080;"><strong>जुबिली न्यूज डेस्क</strong></span></p>
<p>भारतीय हिंदी लेखिका गीतांजलि श्री की हिंदी से अंग्रेजी में अनुवादित किए गए उपन्यास ‘टॉम ऑफ सैंड’ को प्रतिष्ठित 2022 इंटरनेशनल बुकर प्राइज से सम्मानित किया गया है।</p>
<p>मूल रूप से यह उपन्यास हिंदी ‘रेत समाधि’ के नाम के शीर्षक से लिखा गया है, जिसे अंग्रेजी में डेजी रॉकवेल ने अनुवाद किया है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-256901 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/05/geetanjali-shree.jpg" alt="" width="1200" height="667" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/05/geetanjali-shree.jpg 1200w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/05/geetanjali-shree-300x167.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/05/geetanjali-shree-1024x569.jpg 1024w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/05/geetanjali-shree-768x427.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></p>
<p>हिंदी में अंतरराष्ट्रीय बुकर तक पहुंचने की अब तक अधूरी रही कहानी को गीतांजलि श्री ने मुकम्मल कर दिया है।</p>
<p>इंटरनेशनल बुकर प्राइज हर साल अंग्रेजी में अनुवादित और इंग्लैंड/आयरलैंड में छपी किसी एक अंतरराष्ट्रीय किताब को दिया जाता है। इस प्राइज की शुरूआत साल 2005 में हुई थी।</p>
<p>बुकर प्राइज स्वीकार करने के लिए दिए गए अपने भाषण में गीतांजलि श्री ने कहा, &#8221; मैंने कभी अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने की कल्पना नहीं की थी। मैंने कभी सोचा ही नहीं कि ये मैं कर सकती हूं। ये एक बड़ा पुरस्कार है। मैं हैरान, प्रसन्न , सम्मानित और विनम्र महसूस कर रही हूं।&#8221;</p>
<p>गीतांजलि श्री ने कहा, &#8221; मैं और ये किताब दक्षिण एशियाई भाषाओं में एक समृद्ध साहित्यिक परंपरा से जुड़े हैं। विश्व साहित्य इन भाषाओं के कुछ बेहतरीन लेखकों से परिचित होकर समृद्ध होगा।&#8221;</p>
<p>वहीं बुकर पुरस्कार देने वाली संस्था ने कहा, &#8220;टूंब ऑफ सैंड अंतरराष्ट्रीय  बुकर पुरस्कार जीतने वाली किसी भी भारतीय भाषा में मूल रूप से लिखी गई पहली किताब है और हिंदी से अनुवादित पहला उपन्यास। टूंब ऑफ सैंड उत्तर भारत की कहानी है जो एक 80 वर्षीय महिला के जीवन पर आधारित है। ये उपन्यास मूल होने के साथ-साथ धर्म, देशों और जेंडर की सरहदों के विनाशकारी असर पर टिप्पणी है।&#8221;</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/narinder-batra-resigns-from-indian-olympic-association-president-post-ioa-know-more-details/">तो क्या नरिंदर बत्रा के IOA से इस्तीफा की ये हैं असली वजह?</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/supreme-court-considered-prostitution-as-a-profession-now-police-will-not-be-able-to-harass-strict-instructions-issued/">SEX वर्कर्स को लेकर SC ने क्या जारी किए सख्त निर्देश?</a></strong></span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-256902 " src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/05/ret-samadhi.jpg" alt="" width="664" height="754" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/05/ret-samadhi.jpg 510w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/05/ret-samadhi-264x300.jpg 264w" sizes="auto, (max-width: 664px) 100vw, 664px" /></p>
<p>राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित &#8216;रेत समाधि&#8217; हिंदी की पहली ऐसी रचना है जो न केवल इंटरनेशनल बुकर पुरस्कार की लॉन्गलिस्ट और शॉर्टलिस्ट तक पहुंची बल्कि अंतरराष्ट्रीय बुकर जीती भी।</p>
<p>रेत समाधि का अंग्रेजी अनुवाद मशहूर अनुवादक डेजी रॉकवेल ने किया है। 50,000 पाउंड यानी करीब 50 लाख रुपये के साहित्यिक पुरस्कार के लिये 5 अन्य किताबों से इसकी प्रतिस्पर्धा हुई। पुरस्कार की राशि लेखिका और अनुवादक के बीच बराबर-बराबर बांटी जाएगी।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>निर्णायक मंडल ने गीतांजलि श्री के इस उपन्यास को &#8216;अनूठा&#8217; बताया है। यह उपन्यास ठहरकर पढ़े जाने वाला उपन्यास है जिसकी एक कथा के धागे से कई सारे धागे बंधे हुए हैं। 80 साल की एक दादी है जो बिस्तर से उठना नहीं चाहती और जब उठती है तो सब कुछ नया हो जाता है। यहां तक कि दादी भी नयी। वो सरहद को निरर्थक बना देती है।</strong></span></p>
<h3><span style="color: #800000;"><strong>कौन हैं गीतांजलि श्री और डेजी रॉकवेल?</strong></span></h3>
<p>पिछले तीन दशक से गीतांजलि श्री लेखन की दुनिया में सक्रिय हैं। 1990 के दशक में उनका पहला उपन्यास &#8216;माई&#8217; और फिर &#8216;हमारा शहर उस बरस&#8217; प्रकाशित हुए थे। इसके बाद &#8216;तिरोहित&#8217; आया और फिर आया &#8216;खाली जगह&#8217;।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-256903 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/05/geetanjali-shree-1.jpg" alt="" width="522" height="642" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/05/geetanjali-shree-1.jpg 522w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/05/geetanjali-shree-1-244x300.jpg 244w" sizes="auto, (max-width: 522px) 100vw, 522px" /></p>
<p>गीतांजलि श्री के कई कहानी संग्रह भी प्रकाशित हैं। वो स्त्री मन में, समाज के भीतर, समाज की परतों में बहुत धीरे धीरे दाखिल होती हैं और बहुत संभलकर उन्हें खोलती और समझती हैं।</p>
<p>गीताजंलि श्री की रचनाओं के अनुवाद भारतीय भाषाओं के अलावा अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मल सहित कई भाषाओं में हो चुका है। उनका उपन्यास &#8216;माई&#8217; का अंग्रेजी अनुवाद &#8216;क्रॉसवर्ड अवॉर्ड&#8217; के लिए भी नामित हुआ था।</p>
<p>डेजी रॉकवेल ने रेत समाधि का अनुवाद &#8216;टूंब ऑफ सैंड&#8217; नाम से किया है जिसे &#8216;टिल्टेड एक्सिस&#8217; ने प्रकाशित किया है। अमेरिका में रहने वाली डेजी हिंदी साहित्य समेत कई भाषाओं और उसके साहित्य पर पकड़ रखती हैं।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/union-minister-goyal-spoke-in-defense-of-ban-on-export-of-wheat-and-sugar/">गेहूं-चीनी के निर्यात पर पाबंदी के बचाव में बोले केंद्रीय मंत्री गोयल</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/what-did-pakistan-say-on-yasin-maliks-life-sentence/">यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा पर पाकिस्तान ने क्या कहा?</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/alert-of-terrorist-attacks-in-delhi-ncr-after-yasin-maliks-sentence-was-announced/">यासीन मलिक को सज़ा के एलान के बाद दिल्ली- एनसीआर में आतंकी हमलों का एलर्ट</a></strong></span></p>
<p>डेजी ने अपनी पीएचडी उपेंद्रनाथ अश्क के उपन्यास &#8216;गिरती दीवारें&#8217; पर की है। उन्होंने उपेंद्रनाथ अश्क से लेकर खादीजा मस्तूर, भीष्म साहनी, उषा प्रियंवदा और कृष्णा सोबती के उपन्यासों पर का अनुवाद किया है।</p>
<p>मीडिया से बातचीत में गीतांजलि श्री ने कहा कि उन्हें बुकर में नामित होने की दूर-दूर तक कोई आशा नहीं थी। वो कहती है कि मैं चुपचाप और एकांत में रहने वाली लेखिका हूं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अवध यूनिवर्सिटी में नियम विरुद्ध भर्तियों का बाज़ार, सवाल उठाने वाले शिक्षक पर तनी कार्रवाई की तलवार</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/market-of-recruitment-against-rules-in-avadh-university-the-sword-of-action-against-the-teacher-who-raised-the-question/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 May 2022 15:54:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ओम प्रकाश सिंह अयोध्या. रामनगरी के अवध विश्वविद्यालय में हुई शिक्षक भर्तियों में अनियमितता की शिकायत साकेत महाविद्यालय के शिक्षक नेता जनमेजय तिवारी ने कुलाधिपति से की है. कुलपति खेमे ने पलटवार में शिकायत कर्ता की थीसिस पर ही सवाल खड़ा कर दिया है. कुलपति पर नियम विरुद्ध व सजातीय लोगों की भर्ती का गंभीर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #0000ff;"><strong>ओम प्रकाश सिंह</strong></span></p>
<p><strong>अयोध्या.</strong> रामनगरी के अवध विश्वविद्यालय में हुई शिक्षक भर्तियों में अनियमितता की शिकायत साकेत महाविद्यालय के शिक्षक नेता जनमेजय तिवारी ने कुलाधिपति से की है. कुलपति खेमे ने पलटवार में शिकायत कर्ता की थीसिस पर ही सवाल खड़ा कर दिया है. कुलपति पर नियम विरुद्ध व सजातीय लोगों की भर्ती का गंभीर आरोप है. शिक्षक नेता ने थीसिस जांच को शिकायत की प्रतिक्रिया बताया है.</p>
<p>कुलपति की शिकायत राज्यपाल, मुख्यमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री से कई लोगों ने की है. जिसमें भारतीय जनता पार्टी के मीडिया प्रभारी डॉ. रजनीश सिंह, एडवोकेट व पत्रकार नाथ बख्श सिंह सहित कई लोग शामिल हैं. अभी कुलपति खेमे के निशाने पर पहले शिकायतकर्ता साकेत महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षक नेता जनमेजय तिवारी ही हैं. कुलपति के भ्रष्टाचार को लेकर यह लड़ाई और दिलचस्प होने की उम्मीद है. विश्वविद्यालय में निर्माण, वाहनों के दुरुपयोग को लेकर भी कुलपति पर आरोप लग रहे हैं.</p>
<p>योगी सरकार पर आरोप लग रहा है कि वह ओबीसी कोटे के पदों पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की भर्ती कर रही है जबकि अवध विश्वविद्यालय में ठीक इसके उलट भर्तियां हो रही हैं. भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने मांग की है कि कुलपति के कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-179532 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/07/Avadh-1.jpg" alt="" width="640" height="480" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/07/Avadh-1.jpg 640w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/07/Avadh-1-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>अवध विश्वविद्यालय के कुलसचिव उमानाथ ने शिकायत कर्ता जनमेजय तिवारी को पत्र भेजकर उनकी थीसिस की इसकी हार्ड व साफ्ट कॉपी माँगी है. उन पर आरोप है कि उन्होंने कॉपी पेस्ट करके पीएचडी की डिग्री हासिल की है. जनमेजय तिवारी ने बताया कि कुलसचिव का पत्र मुझे मिला है जिसमें मुझसे थीसिस मांगी गई है. कुलसचिव का पत्र मेरी शिकायत की प्रतिक्रिया है. असल में विश्विद्यालय प्रशासन पूरी तरह से डरा हुआ है और बदले की कार्यवाही में लगा है.</p>
<p>शिकायत कर्ता का कहना है कि विगत माह मार्च 2022 में डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में संपन्न हुई प्राध्यापकों की चयन-प्रक्रिया में यूजीसी के मानकों की अनदेखी कर जो गम्भीर अनियमितता हुई है. विज्ञापन से लेकर अंतिम चयन तक की पूरी प्रक्रिया में मनमानी नियुक्तियों के लिए जिस तरह अर्हता के नियमों को बदला गया है, तथ्यों को छिपाया गया है, नियुक्ति की प्रक्रिया और परिणामों को प्रभावित किया गया है और सत्ता व लाभार्थियों के बीच के अन्तर को समाप्त किया गया है, उससे परीक्षा की शुचिता तार-तार हो गयी है. अयोध्या के जनमानस में इस घटना को लेकर बेहद अमर्ष व रोष है क्योंकि इसने शासन की भ्रष्टाचार व कदाचार के प्रति असहिष्णुता की नीति को संदिग्ध बना दिया है.</p>
<p>कुलाधिपति के निर्देशानुसार जारी शासनादेश के अनुक्रम में सहायक प्रोफेसर के पदों पर स्क्रीनिंग परीक्षा संपन्न कराने की जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालय के परीक्षा-नियंत्रक की थी. परीक्षा-नियंत्रक उमानाथ सिंह के भाई अनिल कुमार सिंह (अनुक्रमांक 2022002014) अंबेडकरचेयर के अभ्यर्थी थे. इसी क्रम में कुलपति प्रो रवि शंकर सिंह की पुत्रवधू सविता चंदेल (चयनित) गणित व सांख्यिकी की अभ्यर्थी थीं तथा विश्वविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चयन प्रकोष्ठ की संयोजक प्रोफेसर नीलम पाठक की रिश्तेदार गरिमा मिश्रा (अनु. 2022002089 प्रतीक्षा सूची) भी अंबेडकर चेयर विभाग में अभ्यर्थी थीं. कुलपति के ओएसडी डॉक्टर शैलेंद्र सिंह स्वयं भी अंबेडकर चेयर और साथ ही प्रौढ़ शिक्षा विभाग में अभ्यर्थी थे.</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>प्रश्न यह है कि इन परिस्थितियों में विश्वविद्यालय के किस अधिकारी ने संबंधित स्क्रीनिंग परीक्षा संपन्न करवाई? क्या शासन को इस सम्बन्ध में विश्वास में लिया गया था कि विश्वविद्यालय के उपर्युक्त सभी जिम्मेदार अधिकारियों के निकट-सम्बन्धी इस परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं इसलिए उनमें से कोई भी इसके संयोजन की अर्हता नहीं रखता था.</strong></span></p></blockquote>
<p>विश्वस्त सूत्रों से यह भी पता चला है कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी के सीधे संपर्क में कुलपति के निजी सहायक ओएसडी शैलेंद्र सिंह थे और मॉडरेशन के लिए प्रश्नपत्र भी उन्होंने संबंधित एजेंसी से प्राप्त कर लिए थे जबकि स्वयं ही दो-दो विभागों में अभ्यर्थी होने के कारण उनको इस पूरी प्रक्रिया से बाहर रखा जाना चाहिए था. बाद में समस्त मेल/पत्र व्यवहार का कार्य आइक्यूएसी निदेशक प्रोफेसर नीलम पाठक के नाम पर किया गया जिससे इन सभी कारनामों को छिपाया जा सके. कुलपति, उनके ओएसडी, परीक्षा नियंत्रक और आइक्यूएसी निदेशक की मिलीभगत से परीक्षा की शुचिता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया.</p>
<p>यह भी पुष्ट खबर है कि इतिहास, संस्कृत व पुरातत्व विभाग में चयनित अभ्यर्थी डॉ. प्रीति सिंह व रवि प्रकाश चौधरी को पूर्व में ही प्रश्न पत्र उपलब्ध करा दिए गए थे, जिनसे पैसे का लेन-देन बनारस के रहने वाले चन्दन चौधरी के माध्यम से हुआ था. इसके अतिरिक्त अन्य पदों पर भी जो नियुक्तियाँ हुई हैं उनमें चयनित अभ्यर्थियों के बीच स्क्रीनिंग परीक्षा के अंकों में जो आश्चर्यजनक समानता है, उससे इस तथ्य की स्वतः ही पुष्टि होती है.</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>एसोसिएट प्रोफेसर पद पर नियुक्त डॉक्टर महिमा चौरसिया, डॉ. अवध नारायण व डॉक्टर प्रद्युम्न नारायण द्विवेदी द्वारा पूर्व में की गई सेवाएं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम 2018 की धारा 10.2 के तहत जोड़ने के योग्य नहीं थी परंतु विश्वविद्यालय ने नियमों के विपरीत जाते हुए उनकी पूर्व की सेवाओं को जोड़कर उन्हें अनुचित ढंग से एसोसिएट प्रोफेसर पद प्रदान करने का कार्य किया है.</strong></span></p></blockquote>
<p>डॉ. अवध नारायण जिन्होंने अंबेडकर चेयर व प्रौढ़ एवं सतत शिक्षा दोनों विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आवेदन किया था, अर्हता-परीक्षा उत्तीर्ण न कर सकने के कारण साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाए जा सके. परंतु इन्हीं अवध नारायण का चयन इसी समय इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर पद पर हुआ, जिसमें वह एकल अभ्यर्थी के रूप में सम्मिलित हुए थे. ध्यातव्य है कि इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग में एसोसिएट पद पर हुए इस साक्षात्कार में कोई भी अन्य अभ्यर्थी सम्मिलित नहीं हुआ था. यह किसी भी विज्ञापित पद पर आवेदन की न्यूनतम कोरम संख्या के नियमों की सरासर अनदेखी है.</p>
<p>पर्यावरण विज्ञान विभाग में 799 अंक के एपीआई धारक डॉ. अनूप सिंह तथा 473 अंक एपीआई प्राप्त करने वाली संगीता यादव का चयन न करके वरीयता-क्रम में सबसे नीचे 152 अंक एपीआई वाली अभ्यर्थी डॉक्टर महिमा चौरसिया का चयन किया गया है. इसी प्रकार अन्य विषयों में भी साक्षात्कार के लिए बुलाए गए अधिकतर अभ्यर्थी यूजीसी मानक 2018 के प्रावधानों की अनुरूपता में साक्षात्कार के लिए अर्ह नहीं थे परंतु मानकों की अनदेखी कर उन्हें आमंत्रित और चयनित किया गया.</p>
<p>डॉ. शैलेन्द्र सिंह को विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह अपने साथ वाराणसी से कार्यभार-ग्रहण के समय लेकर आये थे और तत्काल उन्हें अपना OSD बना लिया था. उनका चयन अम्बेडकर चेयर व प्रौढ़ एवं सतत शिक्षा विभाग में दो अकादमिक पदों पर हुआ है. उन्होंने भूगोल विषय में परास्नातक व पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है. अंबेडकर चेयर जिसे उन्होंने ज्वाइन किया है और प्रौढ़ एवं सतत शिक्षा विभाग जिसमें वह प्रतीक्षा-सूची में है, उनमें से वह किसी भी विभाग में सेवा की योग्यता धारित नही करते हैं. वास्तव में, उनकी नियुक्ति के लिए पहली बार अम्बेडकर चेयर में नियुक्ति के लिए अर्हता के नियमों को बदलकर अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र व राजनीति विज्ञान विषयों में स्नातक उपाधि के साथ-साथ समाज-भूगोल (Social Geography) व जनसंख्या विज्ञान ( Population Science) जैसे नए विषयों को भी जोड़ दिया गया. यह भी ध्यातव्य है कि डॉ शैलेन्द्र सिंह की अर्हता इन विषयों में भी स्नातक या परास्नातक की नहीं है. समाज-भूगोल का स्नातक/परास्नातक स्तर पर अध्ययन उन्होंने महज एक प्रश्नपत्र के रूप में किया है, स्वतंत्र उपाधि के रूप में नहीं. वह नियुक्ति के वर्तमान पद पर चयन की अर्हता नहीं रखते हैं. विश्वविद्यालय द्वारा जारी विज्ञापन में रोस्टर निर्धारण के लिए उ.प्र. आरक्षण अधिनियम 1994 का अनुपालन नहीं किया गया है. रोस्टर रिक्तियों पर न लगा कर समस्त स्वीकृत पदों पर लगाया गया है तथा मनमाने ढंग से अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए विभागों के नाम भी सुविधानुसार कभी हिंदी तो कभी अंग्रेजी वर्णमाला क्रम के अनुसार ले लिये गए हैं.</p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/the-game-of-posting-is-going-on-in-the-name-of-restoration-of-suspension-in-ayodhya/">अयोध्या में निलंबन बहाली के नाम पर चल रहा मनचाही पोस्टिंग का खेल…</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/so-that-avadh-university-does-not-swallow-shriram-airport/">… ताकि अवध यूनिवर्सिटी को न निगल जाए श्रीराम एयरपोर्ट</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/allegations-of-serious-irregularities-in-teacher-selection-process-in-avadh-university/">अवध विश्वविद्यालय में शिक्षक चयन-प्रक्रिया में गम्भीर अनियमितता के लगे आरोप</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/i-was-also-silent-on-his-murder-now-my-number-has-come/">डंके की चोट पर : उसके कत्ल पे मैं भी चुप था, मेरा नम्बर अब आया</a></strong></span></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ONGC की पहली महिला प्रमुख बनीं अलका मित्तल</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/alka-mittal-becomes-first-woman-chief-of-ongc/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Jan 2022 09:07:52 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[इण्डिया]]></category>
		<category><![CDATA[ONGC]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज डेस्क ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन यानी (ONGC) का अंतरिम चेयरपर्सन अलका मित्तल को नियुक्त किया गया है। भारत की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनी की वो पहली प्रमुख हैं। अलका ने 31 दिसंबर को सुभाष कुमार के रियाटर होने के बाद ये पद संभाला है। भारत सरकार की ओर से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #000080;"><strong>जुबिली न्यूज डेस्क</strong></span></p>
<p>ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन यानी (ONGC) का अंतरिम चेयरपर्सन अलका मित्तल को नियुक्त किया गया है। भारत की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनी की वो पहली प्रमुख हैं।</p>
<p>अलका ने 31 दिसंबर को सुभाष कुमार के रियाटर होने के बाद ये पद संभाला है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-244574" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/01/ALKA-MITTAL.jpg" alt="" width="774" height="435" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/01/ALKA-MITTAL.jpg 624w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/01/ALKA-MITTAL-300x168.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 774px) 100vw, 774px" /></p>
<p>भारत सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, &#8220;कैबिनेट ने पेट्रोलियम मंत्रालय के उस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है जिसमें अल्का मित्तल को ONGC का अध्यक्ष और प्रबंधन निदेशक नियुक्त करने का सुझाव दिया गया था। ये अंतरिम नियुक्ति एक जनवरी 2022 से छह महीने तक या रेगुलर नियुक्ति तक जारी रहेगी।&#8221;</p>
<p>भारत सरकार का ये आदेश सोमवार को जारी किया गया।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/corona-37379-new-cases-of-infection-found-in-last-24-hours-124-deaths/">कोरोना : बीते 24 घंटे में संक्रमण के मिले 37,379 नए मामले, 124 की मौत</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/arvind-kejriwal-corona-positive/">दिल्ली के सीएम केजरीवाल कोरोना पॉजिटिव</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/why-did-priyanka-gandhi-isolate-herself/">प्रियंका गांधी ने इसलिए किया खुद को आइसोलेट</a></strong></span></p>
<p>अलका मित्तल भारत में किसी भी तेल और गैस उत्पादक कंपनी की प्रमुख बनने वाली पहली महिला हैं।</p>
<p>इससे पहले साल 2014 में निशी वासुदेव तेल रिफाइनरी और मार्केटिंग कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम की प्रमुख बनी थीं।</p>
<p>मित्तल अर्थशास्त्र में पोस्ट-ग्रेजुएट हैं और उन्होंने पीएचडी की है। वे इससे पहले 27 नवंबर 2018 में ह्रहृत्रष्ट के बोर्ड में शामिल होने वाली पहली महिला बन चुकी हैं।</p>
<p>अब ONGC के बोर्ड में दो महिला निदेशक होंगे क्योंकि कंपनी ने प्रोमिला जसपाल को डायरेक्टर (फाइनेंस) के पद के लिए चुना है। जसपाल इस समय ONGC की सहयोगी कंपनी मैंगलोर रिफाइनरी में वित्त निदेशक हैं।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/corona-37379-new-cases-of-infection-found-in-last-24-hours-124-deaths/">कोरोना : बीते 24 घंटे में संक्रमण के मिले 37,379 नए मामले, 124 की मौत</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/arvind-kejriwal-corona-positive/">दिल्ली के सीएम केजरीवाल कोरोना पॉजिटिव</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/why-did-priyanka-gandhi-isolate-herself/">प्रियंका गांधी ने इसलिए किया खुद को आइसोलेट</a></strong></span></p>
<p>तेल और गैस सेक्टर की बात करें तो अलका   मित्तल के अलावा वर्तिका शुक्ला एक सितंबर 2021 को इंजीनियरिंग कंसलटेंसी कंपनी, इंजीनियरिंग इंडिया लिमिटेड को हेड करने वाली पहली महिला बनी थीं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>शिया कालेज में हुआ प्रतिभाशाली दिव्यांगों का सम्मान</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/talented-divyang-honored-in-shia-college/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 21 Oct 2021 16:09:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[लिट्फेस्ट]]></category>
		<category><![CDATA[अखिलेन्द्र कुमार]]></category>
		<category><![CDATA[एस.एन.लाल]]></category>
		<category><![CDATA[खतीब-ए-अकबर गोल्ड मेडल]]></category>
		<category><![CDATA[तूरज ज़ैदी]]></category>
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		<category><![CDATA[फखरुद्दीन अली अहमद कमेटी]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[मोहम्मद आफाक]]></category>
		<category><![CDATA[मौलाना एजाज़़ अतहर]]></category>
		<category><![CDATA[मौलाना यासूब अब्बास]]></category>
		<category><![CDATA[विकलांग साथी ट्रस्ट]]></category>
		<category><![CDATA[शिया पी.जी. कालेज]]></category>
		<category><![CDATA[सुनील श्रीवास्तव]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज़ ब्यूरो लखनऊ. विकलांग साथी ट्रस्ट के तत्वावधान में ‘दिव्यांगम चैनल का लोकार्पण व दिव्यांगम सम्मान समारोह’ का आयोजन 21 अक्टूबर को डालीगंज स्थित शिया पी.जी कालेज में आयोजित किया गया. इस आयोजन में फखरुद्दीन अली अहमद कमेटी के चेयरमैन तूरज ज़ैदी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे. शिया कालेज बोर्ड के सचिव &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #0000ff;"><strong>जुबिली न्यूज़ ब्यूरो</strong></span></p>
<p><strong>लखनऊ.</strong> विकलांग साथी ट्रस्ट के तत्वावधान में ‘दिव्यांगम चैनल का लोकार्पण व दिव्यांगम सम्मान समारोह’ का आयोजन 21 अक्टूबर को डालीगंज स्थित शिया पी.जी कालेज में आयोजित किया गया. इस आयोजन में फखरुद्दीन अली अहमद कमेटी के चेयरमैन तूरज ज़ैदी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-238044 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/10/shia-collage-2.jpg" alt="" width="640" height="288" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/10/shia-collage-2.jpg 640w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/10/shia-collage-2-300x135.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>शिया कालेज बोर्ड के सचिव मौलाना यासूब अब्बास की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में मौलाना एजाज़़ अतहर, मोहम्मद आफाक, एस.एन.लाल, अखिलेन्द्र कुमार, सुनील श्रीवास्तव, और कमलेश पाण्डेय भी मौजूद थे.</p>
<p>इस मौके पर विकलांगों को समर्पित दिव्यागम् यूट्यूब चैनल का लोर्कापण किया गया. साथ ही राजधानी की पांच विभूतियों को ‘दिव्यांगमश्री सम्मान’ से अलंकृत किया गया. मौलाना यासूब अब्बास ने फखरुद्दीन अली अहमद कमेटी के चेयरमैन तूरज जैदी, अल्पसख्यक आयोग के सदस्य परविंदर सिंह, प्रीति एम शाह, शीला शर्मा व चित्रा गुप्ता को अंगवस्त्रम, मेमोन्टो व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-238045 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/10/shia-collage.jpg" alt="" width="640" height="360" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/10/shia-collage.jpg 640w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/10/shia-collage-300x169.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>इनके अतिरिक्त ट्रस्ट के दिव्यागम् यूट्यूब चैनल से जुड़े कार्यकर्ताओं को तूरज जैदी, ने ‘दिव्यांगम स्टार अचीवर एवार्ड’ से सम्मानित किया. इनमें रिजवान मंसूरी, सुधा सिंह को, ‘दिव्यांगम अचीवर एवार्ड’ प्रर्वी सिन्हा, डॉ. मनोज गुप्ता, अशोक कुमार, अंजलि अग्रवाल, वासुदेव गिरि, प्रिया चतुर्वेदी, नीरज चतुर्वेदी, मोहम्मद आरिफ उमर, कुमारी आम्रपाली व विशाल राजपूत को, ‘दिव्यांगम एक्टिव विवर एवार्ड’ मोहम्मद अलफुद्दीन व सीमा कमल को सम्मानित किया गया.</p>
<p>इस मौके पर फखरुद्दीन अली अहमद कमेटी के चेयरमैन तूरज जैदी ने कहा कि हम विकलांगों की सारी मांगें मुख्यमंत्री तक पहुंचायेंगे और पूरी कोशिश करेंगे कि आप की जायज़ मांगें पूरी हों. मौलाना यासूब अब्बास ने कहां कि हम सदैव विकलांग साथी ट्रस्ट के कंधे से कंधा मिलाकर खड़े है, ट्रस्ट जिस विकलांग बच्चे को अपने द्वारा अधिकृत करके भेजेगा, उस बच्चे की डिग्री तक की शिक्षा की जिम्मेदारी मेरी होगी।</p>
<p>तूरज जैदी ने इस मौके पर शिया पीजी कॉलेज लाइब्रेरी को उत्तर प्रदेश फखरुद्दीन अली अहमद की तरफ से 200 किताबें, शिया पीजी कॉलेज द्वारा रिकमेंट दो पीएचडी छात्रों को स्कॉलरशिप व सबसे अधिक नंबर प्राप्त करने वाले छात्रों को खतीब-ए-अकबर मिर्जा मोहम्मद अतहर गोल्ड मेडल देने की बात कही. तूरज ज़ैदी ने कहा कि मैं भी शिया कॉलेज का छात्र रहा हूं कल के शिया कॉलेज और आज के शिया कॉलेज में बहुत फर्क है. आज का शिया कॉलेज आधुनिक शिया कॉलेज है इसका श्रेय ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव व कॉलेज के सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास को जाता है. जिन्होंने बहुत कम वक्त में ही शिया कॉलेज को लखनऊ के कॉलेजों में अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर दिया है</p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/question-about-drugs-asked-to-ananya-pandey/">अनन्या पाण्डेय से पूछे गए ड्रग्स को लेकर सवाल</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/this-up-minister-feels-that-petrol-and-diesel-are-still-very-cheap/">यूपी के इस मंत्री को लगता है कि अभी भी पेट्रोल-डीज़ल बहुत सस्ता है</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/noida-to-become-hub-of-world-class-multi-modal-logistics/">विश्व स्तरीय मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक का हब बनेगा नोएडा</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/mahant-narendra-giris-lawyer-told-the-cbi-such-a-thing-that/">महंत नरेन्द्र गिरी के वकील ने सीबीआई को बताई ऐसी बात कि…</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/rakesh-tikait-told-the-new-location-of-the-farmers-movement/">राकेश टिकैत ने बताया किसान आन्दोलन का नया ठिकाना</a></strong></span></p>
<p>अध्यक्ष और कार्यक्रम संचालक विष्णुकांत मिश्रा ने बताया इस अवसर पर पूरे प्रदेश से कई जिलों से दिव्यांग उपस्थित रहे। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक हुसैन रजा ट्रस्ट सचिव ने बताया ये ट्रस्ट विकलांगों के लिए समर्पित है और विकलांगों के हौसला बढ़ाने और जीवन में संघर्ष के लिए प्रेरित करने के लिए लगातार कार्यक्रम करता रहता है. इस अवसर पर डॉ. सरवत तकी (विभागाध्यक्ष रसायन विज्ञान शिया पी.जी कालेज), सुनील कुमार श्रीवास्तव व कमलेश पाण्डेय जैसी कई गण्यमान लोग उपस्थित थे.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>पांच लोगों को एक लाख रुपये महीना देने की तैयारी कर रहा है स्टेट बैंक</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/state-bank-is-preparing-to-give-one-lakh-rupees-a-month-to-five-people/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 03 Oct 2020 13:46:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[अर्थ संवाद]]></category>
		<category><![CDATA[आईटी]]></category>
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		<category><![CDATA[स्टेट बैंक]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज़ डेस्क नई दिल्ली. आईटी, इक्नामिक्स, बैंकिंग या फाइनेंस में अगर आपने पीएचडी किया है तो स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया ने आपके सपनों में रंग भरने की तैयारी कर रखी है. स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने पोस्ट डाक्टोरल रिसर्च फेलोशिप के लिए आवेदन मांगे हैं. चुने जाने पर दो साल की फेलोशिप मिलेगी. फेलोशिप &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #0000ff;">जुबिली न्यूज़ डेस्क</span> </strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली.</strong> आईटी, इक्नामिक्स, बैंकिंग या फाइनेंस में अगर आपने पीएचडी किया है तो स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया ने आपके सपनों में रंग भरने की तैयारी कर रखी है. स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने पोस्ट डाक्टोरल रिसर्च फेलोशिप के लिए आवेदन मांगे हैं. चुने जाने पर दो साल की फेलोशिप मिलेगी. फेलोशिप के दौरान स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया एक लाख रुपये महीने की फेलोशिप देगा. फेलोशिप के दौरान फेलो की परफार्मेंस पर नज़र रखी जायेगी. अच्छी परफार्मेंस वालों को एकमुश्त दो से पांच लाख रुपये भी दिए जायेंगे.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-189616 aligncenter" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/10/SBI-300x200.jpg" alt="" width="521" height="347" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/10/SBI-300x200.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/10/SBI-310x205.jpg 310w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/10/SBI.jpg 640w" sizes="auto, (max-width: 521px) 100vw, 521px" /></p>
<p>फेलोशिप के लिए 18 सितम्बर को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है. 08 अक्टूबर 2020 आवेदन की आखरी तारीख है. आवेदन के लिए उम्र 31 जुलाई 2020 को 40 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. स्टेट बैंक मिले हुए आवेदन पत्रों की जाँच इ बाद इन्टरव्यू के लिए बुलाएगा. इंटरव्यू के बाद पांच फेलो का चयन किया जायेगा. स्टेट बैंक की वेवसाईट से आवेदन फ़ार्म को अपलोड किया जा सकेगा.</p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/hathras-scandal-is-not-going-to-stop-fast/">जल्दी थमने वाला नहीं है हाथरस काण्ड का शोर</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें :<a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/tej-prataps-health-deteriorates-team-of-doctors-and-ambulance-reach-home/">तेजप्रताप की तबियत बिगड़ी, डाक्टरों की टीम और एम्बुलेंस पहुँची घर</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें :<a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/ljp-may-announce-to-leave-nda/">एनडीए का साथ छोड़ने का एलान कर सकती है एलजेपी</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/karan-johar-wrote-a-letter-to-pm-modi/">करण जौहर ने पीएम मोदी को इसलिए लिखा पत्र</a></strong></span></p>
<p>इंटरव्यू के बाद जिन पांच लोगों का चयन होगा उन्हें कोलकाता के स्टेट बैंक इंस्टीट्यूट ऑफ़ लीडरशिप में भेजा जा सकता है. एसबीआई के अनुसार आवेदक के पास आईआईएम, आईआईटी, आईएसबी या इनके समकक्ष इंस्टीटयूट में टीचिंग या कम से कम तीन साल रिसर्च वर्क का अनुभव होना चाहिए. फेलो को नेशनल और इंटरनेशनल कांफ्रेंस में जाने का खर्च स्टेट बैंक उठाएगा.</p>
<p>आवेदक  <span style="color: #0000ff;"><strong>https://bank.sbi/careers </strong></span> या  <strong><span style="color: #0000ff;">https://www.sbi.co.in/careers</span> </strong> पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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